Movie prime

वाराणसी: रात में बढ़ेगी पुलिस पेट्रोलिंग, अपराध-यातायात और साइबर फ्रॉड पर अब जीरो टॉलरेंस

 
वाराणसी: रात में बढ़ेगी पुलिस पेट्रोलिंग, अपराध-यातायात और साइबर फ्रॉड पर अब जीरो टॉलरेंस
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी I पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सोमवार को यातायात लाइन सभागार में पुलिस वालों की मीटिंग (सैनिक सम्मेलन) और हर महीने होने वाली अपराध समीक्षा बैठक की। इसमें कानून-व्यवस्था, लोगों की शिकायतें, महिलाओं की सुरक्षा, पुराने केस जल्दी निपटाने, ट्रैफिक सुधारने और साइबर ठगी रोकने जैसे कई मुद्दों पर बात हुई और साफ-साफ आदेश दिए गए।

पुलिस वालों की परेशानियाँ सुनीं, जल्दी सुलझाने के आदेश  

पुलिस आयुक्त साहब ने सभी पुलिसकर्मियों से उनकी समस्याएँ विस्तार से सुनीं और अफसरों को कहा कि इनका जल्दी और तय समय में समाधान करें। साथ ही पुलिस वालों से कहा कि आम लोगों से अच्छे से और प्यार से बात करें, ताकि लोगों का भरोसा बढ़े।

महिलाओं की सुरक्षा सबसे ऊपर – जीरो टॉलरेंस  

महिलाओं और बच्चियों से जुड़े हर अपराध में सौ फीसदी कार्रवाई हो, कोई बर्दाश्त नहीं।  
- एंटी रोमियो स्क्वॉड को स्कूल-कॉलेज और भीड़ वाली जगहों पर और सक्रिय करें।  
- हर बीट पर महिलाओं से मीटिंग करें, उनकी बात सुनें।  
- छेड़खानी, घरेलू मारपीट जैसे मामलों पर बहुत सतर्क रहें।  
- गुंडे-बदमाशों की लिस्ट बनाकर उनकी निगरानी करें।

पुराने केस जल्दी खत्म करें
 
गंभीर अपराध (खून, लूट, रेप आदि) के पुराने केस सबसे पहले निपटाए जाएँ।  
नई तकनीक और ऑनलाइन सबूतों का इस्तेमाल करके अच्छी जाँच करें।

अपराधी और गुंडों पर सख्ती 

- सक्रिय गुंडे, गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर पर लगातार नजर रखें और कानूनी कार्रवाई करें।  
- अवैध शराब, जुआ, सट्टा और ड्रग्स बेचने वालों पर छापे मारें।  
- बिना नंबर प्लेट गाड़ी, काली फिल्म, तीन सवारी बाइक वालों पर सख्ती करें (ऑपरेशन चक्रव्यूह)।  
- झुग्गी-बस्तियों में नए आए लोगों का पूरा सत्यापन करें।

रात में गश्त और चौकी बढ़ाएँ  

रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक खतरनाक इलाकों में ज्यादा पुलिस घूमे।  
सर्दी में कोहरा होने पर भी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

ट्रैफिक सुधारने के लिए
 
- स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को ट्रैफिक नियम सिखाएँ।  
- फुटपाथ पर कब्जा, गलत पार्किंग, बिना हेलमेट, तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्त चालान और कार्रवाई करें।

लोगों की शिकायतें जल्दी सुलझाएँ  

IGRS, जनसुनवाई और सीएम डैशबोर्ड की हर शिकायत को जल्दी और अच्छे से निपटाएँ।  
सभी अफसर जनसुनवाई के समय जरूर अपने दफ्तर में बैठें।  
छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लें, टालें नहीं।