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Varanasi : बिना अनुमति जुलूस निकालना गलत, कौम की हिफाजत आप के हाथ- समाजसेवी राहिब जाफरी

 
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Varanasi : पूरे प्रदेश में चल रहे आई लव मोहम्मद प्रकरण के बाद जगह-जगह जुलूस निकालने की बात सामने आ रही है। इसपर पुलिस गततकाल एक्शन भी ले रही है और लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज रही है। ऐसे में अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस तरह की आवाज उठाई जा रही है। ऐसे में हमने चंदौली जनपद के दुलहीपुर इलाके के प्रमुख समाजसेवी राहिब जाफिर से इस मुद्दे पर बात की।

उन्होंने का हमारा मुल्क अमन पसंद है। ऐसे में हमें कोई ऐसी चीज नहीं करनी चाहिए जिससे किसी को ठेस पहुंचे या किसी के धर्म को चोट पहुंचे। उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी भी धर्म, जाती या सम्प्रदाय को ठेस पहुंचे।

हम सभी जिम्मेदार और मुल्क हमारा अजीज

समाजसेवी राहिब जाफरी ने बताया - चंदौली जिला उत्तर प्रदेश और बिहार का बार्डर है। यहां होने वाली हर चीज का इफेक्ट बिहार में भी पड़ता है। ऐसे में मेरी सभी मुसलमान और हिंदू भाइयों से अपील है कि किसी भी अराजक और शरारतीतत्वों के बहकावे में न आएं और जिले का माहौल न खराब करें। इस व्वक्त त्यौहार का माहौल है। ऐसे में मुस्लिम और हिंदू सभी भाई जिम्मेदारी से अपना फर्ज निभाएं क्योंकि यह मुल्क और जिला हम सभी का भी अजीज है।

आई लव मोहम्मद का बैनर कैसा ईमान? ऐसे करें विरोध

राहिब जाफरी ने कहा - मुझ को एक बात समझ में नहीं आती प्रोफेट मोहम्मद साहब स. व. के नाम का बोर्ड लेकर आई लव कहना और रोड पे निकल कर नारा लगाना ही क्या ईमान है ? माहौल का सब को पता है आज कल देश में हिंदू भाइयों का त्यौहार चल रहा है और कुछ लोग आपस की मोहब्बत पे दाग लगाना चाहते है। ऐसे शरारती तत्वों से बचें और उनकी बातों में न आएं। हम सब को मिल कर एक दूसरे का ख्याल करना चाहिए। हिंदुस्तान में संविधान है आप किसी बात पे अपना विरोध जताना चाहते है तो ज्ञापन लिख कर डीएम साहब के कार्यालय जाय और महामहिम के नाम ज्ञापन देकर सीधे अपनी बात रख दे जिसका रिकॉर्ड भी किया जाता है।

जुलूस से पहले लें एसडीएम से परमिशन

राहिब जाफरी ने कहा - किसी भी जुलूस को निकालने के पहले उसकी परमिशन ली जाती है। यदि आप को कोई एहतेजाज का जुलूस निकालना है तो उसके लिए पहले एसडीएम से परमिशन लें। परमिशन अगर मिलती है तो शौक से जुलूस निकालें। किसी भी हाल में संविधान के रास्ते से अलग होकर मनमानी न करें क्योंकि ये आप के लिए और कौम के लिए भी खतरनाक हो सकती है।

वतन से मोहब्बत ईमान की निशानी नबी का कौल

राहिब जाफरी ने आगे बताया - पैगंबर मोहम्मद साहब का हुक्म है कि अपने देश से मोहब्बत मुसलमान के ईमान की निशानी है। हमें कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना च्चिए जिससे हमारा वातां नफ़रत की आग में जल उठे। हमारे हिंदू भाई हमारे अजीज हैं। आज भी दुलहीपुर में सबसे बड़ा ताजिया हिंदू भाई का ही है। ऐसे में इस समय देश में हिंदू समुदाय का पवित्र पूजा समारोह का त्यौहार चल रहा है इस का ख्याल कीजिए। आने वाले जुमा की नमाज के बाद जैसे साल भर जुमा अदा कर के अपने काम धाम में लग जाते है। वैसे ही करें कोई कुछ भी कहे नौजवानों को प्यार से समझा कर आपसी हिन्दू मुस्लिम एकता पे कोई दाग नहीं लगने दे ये हम सब को जिम्मेदारी है।