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ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत: कैंट स्टेशन से सीधे पहुंचेगा रोपवे, बनेगा नया ROB

वाराणसी रोपवे परियोजना के तहत कैंट रेलवे स्टेशन से रोपवे स्टेशन तक सीधी पहुंच के लिए नया आरओबी बनाया जाएगा। स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा, अलग सर्कुलेशन एरिया और पार्किंग की सुविधा होगी। इस परियोजना से ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।

 
कैंट स्टेशन
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वाराणसी: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने वाली बहुप्रतीक्षित रोपवे परियोजना अब संचालन के करीब पहुंच गई है। कैंट रेलवे स्टेशन से रोपवे स्टेशन तक यात्रियों की सीधी और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अब रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा। इससे ट्रेन से उतरने वाले यात्री बिना मुख्य सड़क पर आए सीधे ऊपरी मार्ग से रोपवे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।

दरअसल, रोपवे परियोजना के शुरुआती खाके में आरओबी का प्रावधान नहीं था, लेकिन हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इसे जोड़ा गया है। बैठक में ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) से सुझाव लिए गए, जबकि भीड़ प्रबंधन के लिए देश के विभिन्न आईआईटी संस्थानों से तकनीकी सहयोग लिया गया है।

मुख्य सड़कों पर जाम कम करने की बड़ी तैयारी

रोपवे परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, आरओबी बनने से कैंट रेलवे स्टेशन और रोपवे स्टेशन के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे यात्रियों को सड़क पार करने या ट्रैफिक के बीच से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा और जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।

इसके साथ ही कैंट स्टेशन, काशी विद्यापीठ और रथयात्रा रोपवे स्टेशनों के आसपास विशेष सर्कुलेशन एरिया विकसित किया जाएगा। यहां पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ जोन अलग-अलग होंगे, जबकि पार्किंग की अलग व्यवस्था की जाएगी। अतिरिक्त लेन भी बनाई जाएगी, जिससे ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों का आवागमन सुचारु बना रहे।

एयरपोर्ट मॉडल पर आधारित होगी हाईटेक सुरक्षा

रोपवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह एयरपोर्ट की तर्ज पर होगी। यात्रियों के सामान की जांच एक्स-रे बैगेज स्कैनर से होगी, जबकि डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड-हेल्ड डिटेक्टर से स्क्रीनिंग की जाएगी। पूरे परिसर में सीसीटीवी सर्विलांस, कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग, अलग एंट्री-एग्जिट गेट, आपातकालीन निकास और फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए जाएंगे।

इसके अलावा, सुरक्षा के लिए क्विक रिएक्शन टीम तैनात की जाएगी और इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) को सौंपी जाएगी। एसएसएफ ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए विस्तृत योजना तैयार की है।