Movie prime

वाराणसी में मानव तस्करी रैकेट बेनकाब! गुजरात भेजे जा रहे 6 नाबालिग बच्चे ट्रेन से रेस्क्यू, 2 तस्कर गिरफ्तार

वाराणसी में RPF की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस से गुजरात ले जाए जा रहे 6 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया। बच्चों से फैक्ट्री में काम कराने की तैयारी थी। कार्रवाई में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच जारी है।

 
वाराणसी
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी: कैंट आरपीएफ की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस से गुजरात ले जाए जा रहे छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चों को गुजरात की एक फैक्ट्री में मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था। इस कार्रवाई में दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर हुई कार्रवाई

आरपीएफ की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 15636 गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस से कुछ नाबालिग बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में गुजरात ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर अभियान चलाया और छह बच्चों को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।

14 से 16 वर्ष के हैं सभी बच्चे

रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों की उम्र 14 से 16 वर्ष के बीच बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि उन्हें रोजगार का लालच देकर गुजरात ले जाया जा रहा था, जहां एक फैक्ट्री में उनसे काम कराने की योजना थी।

दो तस्कर गिरफ्तार, पूछताछ जारी

कार्रवाई के दौरान आरपीएफ ने दो संदिग्ध तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा बच्चों को किस माध्यम से गुजरात भेजा जा रहा था।

कमिश्नरेट पुलिस भी जांच में जुटी

घटना की जानकारी मिलते ही कमिश्नरेट पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस और आरपीएफ संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं। बच्चों के परिजनों, तस्करों और संभावित गंतव्य से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

मानव तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश

अधिकारियों ने कहा कि मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाते हुए देखें या मानव तस्करी जैसी किसी गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल पुलिस या आरपीएफ को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर मिली सूचना कई मासूम बच्चों की जिंदगी बचा सकती है।

जांच जारी, नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही एजेंसियां

फिलहाल रेस्क्यू किए गए बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे मानव तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।