Movie prime

वाराणसी में बालू सप्लाई के नाम पर 4 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, लखनऊ के कारोबारी पर FIR

वाराणसी में बालू सप्लाई के नाम पर दो कारोबारियों से करीब 4 करोड़ रुपये लेने के बावजूद आपूर्ति नहीं करने का आरोप लगा है। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने लखनऊ निवासी कारोबारी राघवेंद्र दूबे के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज की है। एक शिकायतकर्ता ने 2.19 करोड़ भुगतान का दावा किया है।
 
वाराणसी
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी: बालू सप्लाई के नाम पर दो कारोबारियों से करीब 4 करोड़ रुपये लेने के बावजूद बालू उपलब्ध नहीं कराने और रकम वापस न करने का मामला सामने आया है। शिकायतों के आधार पर वाराणसी पुलिस ने लखनऊ निवासी कारोबारी राघवेंद्र दूबे के खिलाफ धोखाधड़ी की अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने बैंक के जरिए रकम का भुगतान किया, लेकिन तय सौदे के मुताबिक बालू की आपूर्ति नहीं हुई और पैसे भी वापस नहीं किए गए।

बालू सप्लाई के लिए हुआ था समझौता

नवलपुर, बसही निवासी जितेंद्र कुमार सिंह इंफ्राप्रोजेक्ट कंपनी के निदेशक हैं। उनकी ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक बालू की सप्लाई को लेकर राघवेंद्र दूबे से समझौता हुआ था। इसमें जरूरत के मुताबिक बालू उपलब्ध कराने की बात तय हुई थी।

शिकायत के अनुसार जितेंद्र कुमार सिंह ने 15 मार्च 2018 तक बैंक के माध्यम से 2 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किया। रकम देने के बाद उन्होंने बालू की आपूर्ति के लिए कई बार आरोपी से संपर्क किया, लेकिन आरोप है कि हर बार उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी उन्हें बालू उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके साथ ही भुगतान की गई रकम भी वापस नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

दो कारोबारियों ने की शिकायत

पुलिस के अनुसार बालू सप्लाई से जुड़े लेनदेन को लेकर दो अलग-अलग शिकायतें प्राप्त हुई हैं। दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं ने बैंकिंग माध्यम से रकम दिए जाने और इसके बावजूद बालू की आपूर्ति नहीं होने का आरोप लगाया है।

शिकायतों के आधार पर पुलिस ने राघवेंद्र दूबे के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायत में बताए गए बैंक लेनदेन, समझौते और बालू सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।