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वाराणसी: ज्ञानवापी केस लड़ रहे वाद मित्र से मांगा गया सुरक्षा खर्च, CM को लिखा पत्र

ज्ञानवापी मामले के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी को मुफ्त सुरक्षा के बदले अब शुल्क जमा करने का नोटिस मिला है। छह महीने की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो लाख रुपये से अधिक जमा कराने को कहा गया है। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राहत की मांग की है।
 
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वाराणसी: ज्ञानवापी के बहुचर्चित और संवेदनशील मुकदमे से जुड़े मुकदमे में हिंदू पक्ष के वाद मित्र और पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी को अब तक दी जा रही निशुल्क सुरक्षा के एवज में शुल्क जमा करने का नोटिस जारी किया गया है। नोटिस मिलने के बाद वाद मित्र ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तरह निशुल्क जारी रखने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में शासन के निर्देश पर तत्कालीन जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा द्वारा विजय शंकर रस्तोगी को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। ज्ञानवापी मुकदमे की संवेदनशीलता और संभावित खतरे को देखते हुए उन्हें यह सुरक्षा दी गई थी, जो अब तक जारी है।

अब सहायक सुरक्षा आयुक्त अभिसूचना की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि शासनादेश के तहत सुरक्षा पर आने वाले खर्च का 25 प्रतिशत वाद मित्र को स्वयं जमा करना होगा। नोटिस में छह सितंबर 2025 से पांच मार्च 2026 तक की अवधि के लिए सुरक्षा पर हुए खर्च का ब्यौरा देते हुए कुल 2 लाख 8 हजार 908 रुपये जमा कराने को कहा गया है।

नोटिस मिलने के बाद विजय शंकर रस्तोगी ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सुरक्षा उपलब्ध कराते समय उन्हें किसी प्रकार की शर्तों की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि अगर पहले ही यह बताया गया होता कि भविष्य में सुरक्षा के बदले शुल्क देना होगा, तो वह सुरक्षा लेने से इनकार कर देते।

वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने यह भी कहा कि वह पहले से ही इस मुकदमे की पैरवी अपने निजी खर्च पर कर रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तरह निशुल्क बनाए रखने का अनुरोध किया है।

बता दें कि ज्ञानवापी में नए मंदिर निर्माण और हिंदुओं को दर्शन-पूजन की अनुमति दिए जाने को लेकर वर्ष 1991 में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में मुकदमा दाखिल किया गया था। वर्ष 2019 में अदालत ने विजय शंकर रस्तोगी को हिंदू पक्ष की ओर से वाद मित्र नियुक्त किया था। तभी से वह इस मामले में सक्रिय रूप से पैरवी कर रहे हैं।