वाराणसी : गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने वाले आरोपियों को मिली जमानत, 14 में से सात हुए रिहा
Updated: May 20, 2026, 21:59 IST
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वाराणसी में गंगा नदी के बीच इफ्तार पार्टी करने और कथित रूप से मांस खाने व नदी में फेंकने के मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों को अदालत से राहत मिली है। मामले में नामजद 14 आरोपियों में से 7 को जमानत मिल गई है। जानकारी के मुताबिक चार अभियुक्तों को बुधवार को जेल से रिहा किया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी दो दिन पहले ही रिहा हो चुके हैं।
यह मामला 17 मार्च को सामने आया था, जब गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में कुछ लोग गंगा नदी के बीच मांस खाते और कथित रूप से नदी में मांस फेंकते नजर आए थे। वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था।
घटना को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने और गंगा नदी की मर्यादा भंग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सात आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के बंधपत्र जमा करने की शर्त पर जमानत दे दी। यह आदेश 9वें एडीजे कोर्ट की ओर से दिया गया।
आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विकास सिंह (Vikas Singh) ने बताया कि अदालत से जमानत मिलने के बाद आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
फिलहाल मामले में बाकी आरोपियों को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
यह मामला 17 मार्च को सामने आया था, जब गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में कुछ लोग गंगा नदी के बीच मांस खाते और कथित रूप से नदी में मांस फेंकते नजर आए थे। वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था।
घटना को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने और गंगा नदी की मर्यादा भंग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सात आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के बंधपत्र जमा करने की शर्त पर जमानत दे दी। यह आदेश 9वें एडीजे कोर्ट की ओर से दिया गया।
आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विकास सिंह (Vikas Singh) ने बताया कि अदालत से जमानत मिलने के बाद आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
फिलहाल मामले में बाकी आरोपियों को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
