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वाराणसी : कौशल विकास को मिलेगा नया बल, मंत्री कपिल देव ने दिया 10 सर्वश्रेष्ठ निजी ITI चयनित करने का निर्देश

 
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वाराणसी। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शून्य ड्रॉपआउट और 100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को सर्किट हाउस में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने और कौशल विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर देने को कहा।

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बैठक में वाराणसी मंडल के संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण/शिक्षुता), विभिन्न राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संस्थानों की प्रगति और कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा की गई।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रथम वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षार्थियों की नियमित काउंसलिंग करें और उनके अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखें, ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई बीच में न छूटे।

पीपीपी मॉडल के आईटीआई की समीक्षा

बैठक में पीपीपी मॉडल के तहत संचालित राजकीय आईटीआई पिंडरा (वाराणसी) और आईटीआई बदलापुर (जौनपुर) की भी समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को आवश्यक संसाधन, मशीनरी और कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर सत्र 2026-27 से नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने भारत सरकार से स्थायी संबंधन और एनसीवीटी मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया।

गुणवत्ता सुधार पर विशेष फोकस

कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण करने और प्रशिक्षणार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

उत्कृष्ट निजी आईटीआई को मिलेगा प्रोत्साहन

बैठक में मंडल के प्रत्येक जिले में संचालित निजी आईटीआई संस्थानों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 संस्थानों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।

100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने पर जोर

मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों से कहा कि आईटीआई में संचालित रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और विभिन्न ट्रेडों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि प्रशिक्षण सत्र 2026-27 में सभी सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि कौशल विकास युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है, इसलिए इस दिशा में सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।