कबीरचौरा SSPG में बनेगा 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला
वाराणसी के एसएसपीजी मंडलीय अस्पताल में 315.48 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनेगा। योगी कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे पूर्वांचल समेत आसपास के राज्यों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
वाराणसी: वाराणसी के श्री शिवप्रसाद गुप्त (SSPG) मंडलीय अस्पताल को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में SSPG अस्पताल परिसर में 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दे दी गई। इस परियोजना पर कुल 315.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत बनने वाले इस अस्पताल के लिए चार वर्ष की समय-सीमा तय की गई है। परियोजना के अंतर्गत अस्पताल परिसर में मौजूद 11 जर्जर भवनों को ध्वस्त कर अत्याधुनिक आठ मंजिला सुपर स्पेशियलिटी भवन का निर्माण किया जाएगा। इसमें ओपीडी, आधुनिक वार्ड, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की सुविधा उपलब्ध होगी।
क्या क्या सुविधाएं होंगी
नए अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रो मेडिसिन, गैस्ट्रो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और डायलिसिस जैसी उन्नत चिकित्सा सेवाएं शुरू की जाएंगी। डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारियों के लिए बेसमेंट सहित 14 मंजिला आवासीय भवन का भी निर्माण प्रस्तावित है।
परियोजना की कुल लागत में से 60 प्रतिशत (189.28 करोड़ रुपये) केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत (126.19 करोड़ रुपये) राज्य सरकार वहन करेगी। अस्पताल का निर्माण भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक (IPHS) के अनुरूप किया जाएगा।
वर्तमान में SSPG अस्पताल में 316 बेड की क्षमता है और प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। नए अस्पताल के निर्माण के बाद यह पूर्वांचल का पहला सरकारी हाईटेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होगा, जहां एक ओपीडी कक्ष में ही 100 मरीज बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे।
पीडब्ल्यूडी द्वारा तैयार किए गए फाइनल थ्री-डी नक्शे को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। संभावना है कि आगामी दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इसके शुरू होने से वाराणसी समेत पूर्वांचल, मिर्जापुर, आजमगढ़ और बिहार के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
