वाराणसी में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के केस: BHU में 7 दिन में 24 मरीज, अस्पतालों को किया गया अलर्ट
वाराणसी: कोरोना और स्क्रब टाइफस के बाद अब वाराणसी में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। IMS-BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में स्वाइन फ्लू के 24 मरीज सामने आए हैं। अस्पताल में रोजाना छह-सात नए संदिग्ध मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि 20-25 मरीजों की रोजाना RT-PCR जांच कराई जा रही है। इनमें करीब पांच से छह मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क कर दिया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर पूरे प्रदेश में निगरानी और जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
BHU में बढ़े स्वाइन फ्लू के मरीज, पांच बेड आरक्षित
सर सुंदरलाल अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए पांच बेड आरक्षित किए गए हैं। फिलहाल दो मरीज पीडियाट्रिक और दो मरीज मेडिसिन वार्ड में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं।
BHU अस्पताल में सिर्फ वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल, पश्चिमी बिहार और मध्य प्रदेश तक से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां सामने आने वाले मामलों को क्षेत्र की स्थिति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस डॉ. पुनीत के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के लिए पांच बेड आरक्षित हैं और रोजाना करीब पांच-छह मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां भी बताई जा रही हैं।
रोज 20-25 संदिग्ध मरीजों की जांच
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है। रोजाना करीब 20 से 25 संदिग्ध मरीजों का RT-PCR टेस्ट किया जा रहा है। इनमें से पांच से छह मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिल रही है। हालांकि, किसी मरीज को स्वाइन फ्लू का पुष्ट मामला तभी माना जाएगा, जब PCR या RT-PCR जांच में संक्रमण की पुष्टि हो।
वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू से जुड़े मामलों की स्थिति जानने के लिए पिछले तीन महीने का डेटा भी जुटाया जा रहा है। इसके आधार पर जिले में संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
प्रदेशभर के अस्पतालों को अलर्ट
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के अस्पतालों को अलर्ट किया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव अमित घोष को पत्र भेजकर सभी जिलों में स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
जिलों में संदिग्ध और संक्रमित मरीजों की नियमित निगरानी, समय पर जांच और इलाज सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। अस्पतालों में जरूरत के मुताबिक संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए जा रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव ने सीएमओ, सीएमएस और एमएस को निर्देश दिए हैं कि मरीजों की जांच और दवाओं की उपलब्धता में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखी जा रही हैं।
इन मरीजों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने टीबी, डायबिटीज, हृदय रोग और गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसे मरीज संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में सर्दी, जुकाम और बुखार शामिल हैं। इसके अलावा शरीर में दर्द और गंभीर स्थिति में फेफड़ों से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से बचने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां बेहद जरूरी हैं।
- खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकें।
- आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
- भीड़भाड़ या कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
- नियमित रूप से हाथ धोते रहें।
- सर्दी, जुकाम, बुखार या अन्य लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
- गंभीर लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से उपचार कराएं।
सीएमओ डॉ. एनपी सिंह के मुताबिक, जांच और मरीजों की निगरानी से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उनका कहना है कि 24 से 48 घंटे में जरूरी व्यवस्थाओं को और दुरुस्त कर लिया जाएगा।
