अब रेड लाइट पर नहीं होगी जल्दबाजी! वाराणसी में इन 21 चौराहों पर लगेंगे टाइमर सिग्नल, सिगरा चौराहे से हुई शुरुआत
वाराणसी: शहर की लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या और जाम से राहत दिलाने के लिए वाराणसी में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार से सिगरा चौराहे पर टाइमर युक्त ट्रैफिक सिग्नल चालू कर दिया गया। अब अगले 15 दिनों के भीतर शहर के सभी 21 प्रमुख चौराहों पर टाइमर सिग्नल लगाए जाएंगे। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत खराब पड़े सिग्नल भी दुरुस्त किए जाएंगे, जिससे यातायात संचालन अधिक व्यवस्थित और सुगम बनाया जा सके।
15 दिन में 21 चौराहों पर पूरा होगा काम
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मार्च महीने में इस कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया था। लगभग 1.40 करोड़ रुपये की लागत से चयनित एजेंसी को शहर के 21 ट्रैफिक सिग्नलों की मरम्मत करने और उनमें टाइमर सिस्टम लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल सिगरा चौराहे से इसकी शुरुआत हो चुकी है, जबकि शेष 20 चौराहों पर भी चरणबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाएगा।
वाहनों के दबाव के अनुसार तय किया गया टाइम
यातायात विभाग ने प्रत्येक चौराहे पर आने-जाने वाले वाहनों की संख्या का अध्ययन करने के बाद सिग्नल का समय निर्धारित किया है। अलग-अलग मार्गों पर 30, 45 और 60 सेकेंड का ग्रीन सिग्नल रखा गया है, ताकि ट्रैफिक का दबाव संतुलित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
टाइमर लगने से वाहन चालकों को पहले से पता रहेगा कि सिग्नल बदलने में कितना समय बचा है। इससे रेड लाइट पर अनावश्यक जल्दबाजी और नियम तोड़ने की प्रवृत्ति भी कम होने की उम्मीद है।
जाम कम होगा, ईंधन की भी होगी बचत
ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि टाइमर सिग्नल से चालक रेड लाइट के दौरान अपने वाहन का इंजन बंद रख सकेंगे और सिग्नल बदलने से कुछ सेकेंड पहले वाहन स्टार्ट कर सकेंगे।
आंकड़ों के अनुसार यदि वाहन एक मिनट से अधिक समय तक रुका रहता है और इंजन बंद कर दिया जाए, तो औसतन 0.1 से 0.2 लीटर तक ईंधन प्रति घंटे बचाया जा सकता है। वाराणसी के प्रमुख चौराहों पर एक समय में 50 से 100 वाहन तक सिग्नल पर रुकते हैं। ऐसे में इस व्यवस्था से बड़ी मात्रा में ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।
इन प्रमुख चौराहों पर लगेंगे टाइमर सिग्नल
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जिन प्रमुख चौराहों पर टाइमर युक्त सिग्नल लगाए जा रहे हैं, उनमें मलदहिया, चौकाघाट, अंधरापुल, सिगरा, रथयात्रा, पांडेयपुर, लहरतारा, चेतमणि, पद्मश्री, बीएचयू, मंडुवाडीह, चांदपुर, रविंद्रपुरी, मरीमाई तिराहा, आशियाना, गोलगड्डा, आकाशवाणी, साजन, काली माता मंदिर, भिखारीपुर और मुड़ैला शामिल हैं।
ट्रैफिक पुलिस को भी मिलेगी राहत
एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने बताया कि शहर में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। उनके अनुसार, सभी 21 सिग्नलों पर टाइमर लगने और खराब सिग्नलों के दुरुस्त होने के बाद यातायात संचालन अधिक व्यवस्थित होगा, जाम की समस्या कम होगी और वाहन चालकों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
