वाराणसी: बिना सिटी परमिट चल रहे 40 ऑटो और ई-रिक्शा सीज, ट्रैफिक पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
वाराणसी में ट्रैफिक पुलिस ने बिना सिटी परमिट और बारकोड नियमों का पालन न करने वाले 35 ऑटो और 5 ई-रिक्शा सीज कर दिए। शहर के कई प्रमुख चौराहों पर विशेष अभियान चलाकर दस्तावेज, फिटनेस और परमिट की जांच की गई। आगे भी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
वाराणसी: शहर में लगातार बढ़ रही यातायात अव्यवस्था और बिना अनुमति चल रहे ऑटो-ई-रिक्शा पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान बिना सिटी परमिट, बारकोड नियमों का उल्लंघन करने वाले 35 ऑटो रिक्शा और 5 ई-रिक्शा को पुलिस लाइन भेजकर सीज कर दिया गया। कई अन्य वाहनों का चालान भी किया गया, जबकि कुछ चालकों को चेतावनी देकर छोड़ा गया। यह कार्रवाई एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र के निर्देश पर शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ चलाए गए विशेष जांच अभियान के तहत की गई।
शहर के कई प्रमुख चौराहों पर हुई सघन जांच
ट्रैफिक पुलिस की टीम ने लहुराबीर, अंधरापुल, कैंट, इंग्लिशिया लाइन, भोजूबीर, कचहरी, पांडेयपुर, पहड़िया, चौकाघाट समेत कई प्रमुख स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान उन ऑटो रिक्शा को विशेष रूप से रोका गया जो बिना सिटी परमिट शहर में संचालित हो रहे थे या जिन पर निर्धारित बारकोड नहीं लगा था। जिन वाहनों पर बारकोड लगा था, लेकिन वे तय नियमों के विपरीत संचालित हो रहे थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
परमिट, फिटनेस और लाइसेंस की भी हुई जांच
अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, बीमा और परमिट समेत सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच की।
जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे या नियमों के अनुरूप नहीं मिले, उन्हें तत्काल सीज कर दिया गया। वहीं कई वाहनों का चालान भी किया गया। कुछ मामलों में पहली बार नियम तोड़ने पर चालकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
सिटी परमिट और बारकोड क्यों है जरूरी?
यातायात निरीक्षक अनुराग त्यागी ने बताया कि शहर में चलने वाले सभी ऑटो रिक्शा के लिए सिटी परमिट और बारकोड अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य शहर में अवैध रूप से चल रहे वाहनों की पहचान करना, उनकी निगरानी आसान बनाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बारकोड प्रणाली लागू होने से वाहन और चालक की जानकारी तुरंत सत्यापित की जा सकती है।
