मंजीत ने 28,500 में खरीदी थी पिस्टल! यूपी कॉलेज कांड में किसने सप्लाई किया हथियार?
वाराणसी के यूपी कॉलेज में छात्र हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी मंजीत चौहान ने दो साल पहले 28,500 रुपये में पिस्टल खरीदी थी। पुरानी रंजिश में उसने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
वाराणसी: उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में शुक्रवार को दिनदहाड़े हुए छात्र हत्याकांड की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल आरोपी मंजीत चौहान ने करीब दो वर्ष पहले कॉलेज के ही एक पूर्व छात्र से 28,500 रुपये में खरीदी थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस अवैध हथियार की सप्लाई भदोही निवासी प्रफुल्ल सिंह ने की थी। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और यह भी आशंका जताई जा रही है कि उसने अन्य छात्रों को भी अवैध असलहे उपलब्ध कराए हो सकते हैं।
मंजीत चौहान, जो खुद भी यूपी कॉलेज में बीएच चतुर्थ सेमेस्टर का छात्र है, का मृतक सूर्य प्रताप सिंह के साथ पुराना विवाद था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच इंटरमीडिएट के समय से ही रंजिश चली आ रही थी। घटना से कुछ दिन पहले भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना वाले दिन पूरी तैयारी के साथ कॉलेज पहुंचा था। उसने पहले बीयर और सिगरेट का सेवन किया और फिर मौका देखकर सूर्य प्रताप पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। तीन गोलियां लगने के बाद जब छात्र जमीन पर गिर पड़ा, तब भी आरोपी नहीं रुका और उसने उसके सिर में गोली मार दी, ताकि उसकी मौत सुनिश्चित हो सके।
वारदात के बाद कॉलेज परिसर में मौजूद छात्रों और शिक्षकों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह उन्हें धमकाते हुए कला संकाय भवन की ओर भाग गया। वहां से दूसरी मंजिल पर चढ़कर नीचे कूद गया और मौके से फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा और एक परिचित डॉक्टर से इलाज भी कराया। हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते वह ज्यादा समय तक फरार नहीं रह सका।
जांच में यह भी सामने आया है कि मंजीत चार सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था, जिनमें से तीन बंद थे और एक सक्रिय था। इसी चालू नंबर की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क को भी खंगाल रही है।
