2001 में हो चुकी थी पिता की मौत, 2012 में जिंदा दिखाकर करा दी फ्लैट की फर्जी रजिस्ट्री, 5 पर FIR
वाराणसी में मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर वीडीए फ्लैट की रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति को मृतक साहेब आलम बनाकर रजिस्ट्री कार्यालय में पेश किया गया और फ्लैट मोहम्मद राशिद खान के नाम करा लिया गया। पुलिस ने पांच लोगों पर केस दर्ज किया है।
वाराणसी: जैतपुरा थाना क्षेत्र में मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाकर उसकी संपत्ति की कथित फर्जी रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2001 में साहेब आलम उर्फ बशीरउद्दीन की मौत के बाद भी 2012 में एक व्यक्ति को उनके रूप में रजिस्ट्री कार्यालय में पेश किया गया और पहाड़िया स्थित वीडीए फ्लैट की रजिस्ट्री उनके भांजे मोहम्मद राशिद खान के नाम करा दी गई। मामले में बहन-भांजे समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
2001 में हो चुकी थी पिता की मौत
पीड़ित रफीक अहमद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता साहेब आलम उर्फ बशीरउद्दीन को पहाड़िया स्थित अशोक बिहार कॉलोनी फेस-1 में एक वीडीए फ्लैट आवंटित हुआ था। वर्ष 2001 में पिता का निधन हो गया था। इसके बाद फ्लैट बहन को रहने के लिए दे दिया गया था। आरोप है कि बाद में रफीक अहमद के भांजे मोहम्मद राशिद खान ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फ्लैट हड़पने की साजिश रची।
शिकायत के मुताबिक, साजिश के तहत रिजवान नामक व्यक्ति को मृतक साहेब आलम के रूप में रजिस्ट्री कार्यालय में पेश किया गया। इसके बाद 27 जुलाई 2012 को फर्जी तरीके से फ्लैट की रजिस्ट्री मोहम्मद राशिद खान के नाम करा ली गई। आरोप है कि जालसाजी यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने नगर निगम में भी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज लगाए और उनके आधार पर मकान नंबर तथा पीला कार्ड हासिल कर लिया।
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी का आरोप
पीड़ित का कहना है कि जब उसे इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उसने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि मामले का विरोध करने पर आरोपियों ने रफीक अहमद और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अपर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जैतपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पांच आरोपी नामजद
थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया है। इनमें रिजवान भी शामिल है, जिस पर मृतक साहेब आलम का रूप धारण कर रजिस्ट्री कार्यालय में पेश होने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद राशिद खान को मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। पुलिस अब कथित फर्जी दस्तावेजों, रजिस्ट्री प्रक्रिया और नगर निगम में जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
