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वाराणसी में गर्मी ने तोड़ा 6 साल का रिकॉर्ड, सीजन का सबसे गर्म दिन रहा शनिवार

वाराणसी में अप्रैल में ही तापमान 45°C पहुंच गया, जो 6 साल बाद नया रिकॉर्ड है। दिन की लू और गर्म रातों से लोग बेहाल हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 3-4 दिन तक राहत न मिलने की चेतावनी दी है, वहीं डॉक्टरों ने हीट स्ट्रोक से बचाव की सलाह दी है।

 
वाराणसी
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वाराणसी: वाराणसी में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने पिछले छह साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले साल 2019 में अप्रैल में 45.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस बार की गर्मी ने लोगों की दिनचर्या तक प्रभावित कर दी है।

सुबह 10 बजे से ही बाहर निकलना मुश्किल

अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बाद मौसम ने अचानक करवट ली और अब हालात ऐसे हैं कि सुबह 10 बजे के बाद ही तेज धूप लोगों को घरों में कैद कर रही है।दिनभर चलने वाली गर्म हवाएं (लू) और चुभती धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही, जिससे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी प्रभावित हैं।

न्यूनतम तापमान भी बढ़ा, ‘गर्म रातों’ से बढ़ी दिक्कत

इस बार सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म हो गई हैं। न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। इससे लोगों को रात में भी आराम नहीं मिल पा रहा है और नींद प्रभावित हो रही है।

प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर बना वाराणसी

शनिवार को 45°C तापमान के साथ वाराणसी उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। जहां बांदा 47.4°C के साथ पहले स्थान पर रहा, वहीं फुर्सतगंज और बाराबंकी भी तेज गर्मी की चपेट में रहे। यह आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पूरे प्रदेश में हीटवेव का असर तेजी से बढ़ रहा है।

अगले 3-4 दिन और बढ़ेगी गर्मी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पछुआ हवाओं की सक्रियता के कारण अगले तीन से चार दिनों तक तापमान में कमी के आसार नहीं हैं। यानी फिलहाल लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।

डॉक्टरों की चेतावनी: लू और डिहाइड्रेशन का खतरा

स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ती गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी और नमक की कमी से खून का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में बाहर निकलते समय सिर ढकें, पर्याप्त पानी पिएं और धूप से बचाव करें।