WhatsApp कॉल से 35 लाख की साइबर ठगी, कस्टम अधिकारी बनकर महिला को डराया
वाराणसी: चांदमारी क्षेत्र की एक महिला को WhatsApp कॉल के जरिए विश्वास में लेकर कस्टम विभाग के नाम पर डराने और करीब 35 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठग ने खुद को मुसीबत में फंसा कारोबारी बताते हुए मदद के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों और UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराई। मामले में पीड़िता के पुत्र संजीव सिंह की तहरीर पर साइबर थाने में तन्मय त्यागी और उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
WhatsApp कॉल से बनाया भरोसा, फिर शुरू हुई ठगी
तहरीर के मुताबिक, अप्रैल में आरोपित ने संजीव सिंह की मां से WhatsApp कॉल के जरिए संपर्क किया। इसके बाद करीब सात से आठ दिनों तक लगातार बातचीत कर उसने महिला का विश्वास जीत लिया।
आरोपित ने 22 अप्रैल को महिला को बताया कि वह कारोबार के सिलसिले में दिल्ली आया था। वहां एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने उसे तीन करोड़ रुपये नकद, तीन आईफोन और करीब 12 लाख रुपये के जेवरात के साथ पकड़ लिया है।
महिला को अपनी बात पर भरोसा दिलाने के लिए आरोपित ने कथित तौर पर कस्टम अधिकारी द्वारा उसके साथ मारपीट किए जाने का वीडियो भी भेजा।
कारोबारी साझेदारी और रुपये लौटाने का दिया लालच
आरोपित ने महिला को बताया कि वह कारोबारी साझेदारी करना चाहता है और भविष्य में रकम वापस कर देगा। इसी भरोसे पर उसने मदद के नाम पर पैसे मांगने शुरू किए।
शुरुआत में 35 हजार रुपये मांगे गए। इसके बाद कस्टम, सामान छुड़ाने और अन्य अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार रकम ट्रांसफर कराई गई। तहरीर में बताया गया है कि 23 अप्रैल से 17 अगस्त के बीच करीब 22.73 लाख रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड मौजूद है।
सोना बेचकर और उधार लेकर जुटाए पैसे
ठगी का सिलसिला बढ़ने पर महिला ने रकम जुटाने के लिए अपना सोना तक बेच दिया। इसके अलावा परिचितों से भी रुपये उधार लेकर आरोपित के बताए बैंक खातों और UPI पर पैसे भेजे गए।
जब पीड़िता ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोपित कथित तौर पर लगातार टालमटोल करने लगा। आरोप है कि बाद में उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
26 अगस्त को साइबर पोर्टल पर शिकायत
मामले का पता चलने के बाद पीड़ित पक्ष ने 26 अगस्त को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद संजीव सिंह ने साइबर थाने में तहरीर देकर तन्मय त्यागी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे बनाया गया ठगी का पूरा जाल
इस मामले में ठग ने पहले WhatsApp कॉल के जरिए महिला से संपर्क किया और कई दिनों तक बातचीत कर विश्वास कायम किया। इसके बाद खुद को कस्टम कार्रवाई में फंसा बताकर भावनात्मक दबाव बनाया गया। वीडियो भेजकर कहानी को सच जैसा दिखाने की कोशिश की गई और फिर अलग-अलग कारण बताकर बैंक खातों व UPI के जरिए रकम मंगाई गई।
