वाराणसी में अब इलेक्ट्रॉनिक कबाड़ से होगी कमाई, नगर निगम की टीम घर आकर करेगी ई-वेस्ट कलेक्शन
वाराणसी। स्वच्छ और स्मार्ट काशी की दिशा में वाराणसी नगर निगम ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के सुरक्षित निस्तारण और रीसाइक्लिंग के लिए नई पहल की है। नगर निगम ने इस कार्य के लिए एडमाइबिन को अधिकृत किया है। इस व्यवस्था के तहत अब शहरवासी घर में रखे पुराने मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, फ्रिज और अन्य खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बेचकर पैसे प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए घर-घर जाकर ई-वेस्ट एकत्र करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
घर बैठे बेच सकेंगे इलेक्ट्रॉनिक कबाड़
नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को अपना इलेक्ट्रॉनिक कबाड़ लेकर कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी। एडमाइबिन की टीम निर्धारित समय पर घर पहुंचकर पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एकत्र करेगी। इसके अलावा शहर के कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से भी ई-वेस्ट का संग्रह किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य कूड़े से अलग करना, उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना और लोगों को पुराने उपकरणों के बदले आर्थिक लाभ देना है।
पुराने मोबाइल से लेकर फ्रिज तक आएंगे ई-वेस्ट की श्रेणी में
ई-वेस्ट में ऐसे सभी बिजली या बैटरी से चलने वाले उपकरण शामिल हैं, जो खराब हो चुके हैं या जिनकी उपयोगिता समाप्त हो गई है। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, टेलीविजन, फ्रिज, वाशिंग मशीन, चार्जर, केबल, पंखे, एलईडी लाइट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
इन उपकरणों को सामान्य कचरे में फेंकने या असुरक्षित तरीके से नष्ट करने से पर्यावरण प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नगर निगम की यह पहल ई-वेस्ट के सुरक्षित संग्रह और रीसाइक्लिंग की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही तय होगा कलेक्शन का समय
नागरिक अपने पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान के निस्तारण के लिए हेल्पलाइन नंबर 8335955000 पर संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने के बाद ई-वेस्ट संग्रह के लिए समय निर्धारित किया जाएगा और संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर उपकरण एकत्र करेगी।
संग्रह किए गए इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अधिकृत माध्यमों से सुरक्षित हैंडलिंग और रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। पुराने उपकरणों के बदले मिलने वाली धनराशि उनके प्रकार और मूल्यांकन पर निर्भर हो सकती है।
हर साल हजारों टन ई-वेस्ट निकलने का अनुमान
शहरी कचरा प्रबंधन से जुड़े अनुमानों के अनुसार, वाराणसी में हर साल हजारों टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा उत्पन्न होता है। घरों, दुकानों और कार्यालयों से निकलने वाले इस कचरे में मोबाइल फोन, चार्जर, पुरानी एलईडी लाइट, पंखे, कंप्यूटर और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने और नए गैजेट्स की बढ़ती मांग के कारण ई-वेस्ट की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। हालांकि, शहर में ई-वेस्ट की सटीक वार्षिक मात्रा और वृद्धि दर की पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों की आवश्यकता है।
जहरीली धातुओं से मिट्टी और पानी को खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक कचरे में सीसा, पारा और कैडमियम जैसी हानिकारक धातुएं मौजूद हो सकती हैं। पुराने उपकरणों को खुले में जलाने या असुरक्षित तरीके से फेंकने पर ये तत्व मिट्टी और जलस्रोतों को प्रदूषित कर सकते हैं। इससे पर्यावरण के साथ मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है।
नगर आयुक्त ने शहरवासियों से की अपील
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नागरिकों से इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य घरेलू कचरे से अलग रखने और सुरक्षित रीसाइक्लिंग के लिए अधिकृत व्यवस्था का उपयोग करने की अपील की है।
उन्होंने शहरवासियों से 'स्वच्छ काशी, जिम्मेदार रीसाइक्लिंग' के संकल्प में भागीदार बनने का आह्वान किया। इस पहल से शहर में इलेक्ट्रॉनिक कचरे का बेहतर प्रबंधन होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है
