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वाराणसी: पुलिस हिरासत में युवक की तबीयत बिगड़ी, फूलपुर थाना प्रभारी सस्पेंड

वाराणसी में पुलिस हिरासत के दौरान महेश राजभर की तबीयत बिगड़ने के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। परिजनों के दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस कमिश्नरेट ने मामले को गंभीरता से लिया है।

 
फूलपुर थाना
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वाराणसी: पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान एक युवक की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया। परिजनों द्वारा पुलिस दुर्व्यवहार के आरोप लगाए जाने के बाद कमिश्नरेट प्रशासन ने तत्काल बड़ा एक्शन लेते हुए फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। मामले में विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस उपयुक्त गोमती जोन कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह मामला थाना फूलपुर में दर्ज मुकदमा से जुड़ा है। इस मुकदमे में विभिन्न धाराओं और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही थी।

पूछताछ के दौरान बिगड़ी युवक की तबीयत

पुलिस के मुताबिक, 24 मई 2026 को महेश राजभर पुत्र रामलाल निवासी ग्राम खालिसपुर, थाना फूलपुर को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया था। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।

पुलिस के अनुसार, घबराहट महसूस होने पर युवक को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए न्यू लक्ष्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य और स्थिर बताई जा रही है।

परिजनों ने लगाए पुलिस दुर्व्यवहार के आरोप

मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब युवक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि हिरासत के दौरान महेश राजभर के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया, जिसकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी।

इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। कमिश्नरेट प्रशासन ने फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को प्रभावी रूप से निलंबित कर दिया।

विभागीय जांच के आदेश, कई पहलुओं की होगी पड़ताल

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत प्रारंभिक विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका, पूछताछ की परिस्थितियों और मेडिकल तथ्यों की गहराई से जांच की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही, दुर्व्यवहार या अधिकारों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निलंबन के बाद पुलिस लाइन से संबद्ध किए गए SHO

कार्रवाई के तहत निलंबित थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय जांच पूरी होने तक वे सक्रिय फील्ड ड्यूटी से दूर रहेंगे।

कमिश्नरेट प्रशासन ने यह भी साफ किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस की जवाबदेही और मानवाधिकारों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पुलिस कमिश्नरेट ने क्या कहा?

गोमती जोन पुलिस उपयुक्त कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पुलिस हिरासत से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।