Movie prime

वाराणसी की उर्मिला ने तोड़ी सामाजिक बेड़ियां, आज सैकड़ों महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

 
वाराणसी की उर्मिला ने तोड़ी सामाजिक बेड़ियां, आज सैकड़ों महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Varanasi : आराजीलाइन विकासखंड के गाजीपुर गांव की रहने वाली उर्मिला पटेल आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। कभी घूंघट और सामाजिक परंपराओं तक सीमित रहने वाली उर्मिला ने स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़कर न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि गांव की कई महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह भी तैयार की।

कॉलेज शिक्षित उर्मिला एक संयुक्त परिवार में रहती हैं। उनके पति मनोज दिहाड़ी मजदूर हैं। अनिश्चित आय और बड़े परिवार की जिम्मेदारियों के कारण घर की आर्थिक स्थिति लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण रही। उस समय गांव में महिलाओं का घर से बाहर निकलना और सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेना भी सहज नहीं माना जाता था।

जब उर्मिला ने स्वयं सहायता समूह की बैठकों में जाना शुरू किया, तो उन्हें समाज के ताने और आलोचनाएं भी झेलनी पड़ीं। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ती रहीं।

जुलाई 2017 में उर्मिला ने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह की सदस्यता ली। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, वित्तीय प्रबंधन, सामुदायिक नेतृत्व और स्वरोजगार के बारे में प्रशिक्षण मिला। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने आजीविका के नए अवसरों का लाभ उठाना शुरू किया।

आज उर्मिला न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सफल रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही अवसर, मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर महिलाएं सामाजिक और आर्थिक बदलाव की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।

उर्मिला पटेल की कहानी ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।