जनता दर्शन में मिली शिकायत, रिश्वत मांगने के आरोप में आउटसोर्सिंग राजस्व निरीक्षक की सेवा समाप्त
वाराणसी विकास प्राधिकरण ने रिश्वत मांगने की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आउटसोर्सिंग पर कार्यरत राजस्व निरीक्षक की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दीं। शिकायतकर्ता ने ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी। VDA ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए नागरिकों से शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
वाराणसी: वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रिश्वत मांगने की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई की है। जनता दर्शन के दौरान मिली शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्राधिकरण ने आउटसोर्सिंग पर कार्यरत एक राजस्व निरीक्षक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
जनता दर्शन में पहुंची शिकायत, ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी
प्राधिकरण के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को जनता दर्शन के दौरान एक मानचित्र आवेदन से जुड़े आवेदक ने उपाध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अवाप्ति एवं सीलिंग अनुभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत राजस्व निरीक्षक राम जनम सिंह यादव ने संबंधित प्रकरण में अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने के बदले धनराशि की मांग की।
शिकायतकर्ता ने अपने आरोप के समर्थन में संबंधित कर्मचारी के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की। साथ ही यह भी बताया कि धनराशि के लेन-देन के लिए उसे प्राधिकरण परिसर स्थित दोपहिया वाहन पार्किंग में बुलाया गया था।
प्रथम दृष्टया मामला गंभीर मिलने पर तत्काल कार्रवाई
उपाध्यक्ष ने शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों का तत्काल परीक्षण कराया। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत त्वरित निर्णय लेते हुए संबंधित आउटसोर्सिंग राजस्व निरीक्षक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश, पारदर्शी व्यवस्था पर जोर
वाराणसी विकास प्राधिकरण ने कहा कि संस्थान में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या आउटसोर्सिंग कार्मिक द्वारा धन की अवैध मांग, अनियमितता या भ्रष्टाचार के किसी भी मामले को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
नागरिकों से शिकायत दर्ज कराने की अपील
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या आउटसोर्सिंग कार्मिक द्वारा किसी कार्य के बदले धनराशि या किसी अन्य अनुचित लाभ की मांग की जाती है, तो उसकी सूचना तुरंत वाराणसी विकास प्राधिकरण को दें। यदि संभव हो तो संबंधित साक्ष्य भी उपलब्ध कराएं, ताकि दोषियों के खिलाफ प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि वाराणसी विकास प्राधिकरण नागरिकों को ईमानदार, पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति का कड़ाई से पालन आगे भी जारी रहेगा।
