24 साल बाद आएगा टकसाल कांड में फैसला : वाराणसी MP-MLA कोर्ट में हाई अलर्ट, धनंजय सिंह ने किया काशी विश्वनाथ का दर्शन
वाराणसी: जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह से जुड़े चर्चित टकसाल सिनेमा शूटआउट केस में आज बड़ा फैसला आने जा रहा है। करीब 24 साल से चल रही इस कानूनी लड़ाई का आज अंत हो सकता है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह इस मामले में अपना फैसला सुनाएंगे।
फैसले से पहले मंगलवार रात धनंजय सिंह बनारस पहुंचे और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर न्याय की कामना की। उन्होंने कालभैरव मंदिर में भी मत्था टेका और रुद्राभिषेक कराया।
कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा, 350 पुलिसकर्मी तैनात
इस हाई-प्रोफाइल मामले को देखते हुए वाराणसी कोर्ट परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। करीब 350 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा पीएसी की एक कंपनी, फायर टेंडर और एंबुलेंस भी अलर्ट पर रखी गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 4 अक्टूबर 2002 का है, जब धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ वाराणसी से जौनपुर जा रहे थे। नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा हॉल के पास उन पर हमला हुआ। आरोप है कि बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें धनंजय सिंह समेत कई लोग घायल हो गए थे।
इस मामले में अभय सिंह, विनीत सिंह सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
दोनों पक्षों की दलीलें
- अभियोजन पक्ष: आरोपियों को कड़ी सजा, यहां तक कि उम्रकैद की मांग
- बचाव पक्ष: आरोपियों को बरी करने की अपील
वकीलों की बहस पूरी हो चुकी है और अब सभी की नजर कोर्ट के फैसले पर टिकी है।
राजनीतिक भविष्य पर भी असर
इस फैसले का असर सिर्फ कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
इस केस में शामिल कई नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला भी आज के जजमेंट से तय हो सकता है।
24 साल बाद मिलेगा न्याय?
धनंजय सिंह ने कहा कि वह पिछले 24 साल से न्याय की उम्मीद में हैं। उनका दावा है कि यह रंजिश छात्र राजनीति के समय से चली आ रही है और कई बार उन पर जानलेवा हमले की कोशिश की गई।
अब सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो इस लंबे विवाद का अंत तय करेगा।
