फर्जी टेंडर, फर्जी विजिट और फर्जी बिल– वाराणसी के पूर्व BSA जय सिंह पर करोड़ों के घोटाले का आरोप
वाराणसी: बेसिक शिक्षा विभाग में तैनाती के दौरान पूर्व बीएसए जय सिंह पर फर्जी टेंडर, फर्जी बिल समेत करोड़ो के घोटाले का आरोप लगा है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की खुली जांच में सरकारी धन की एक के बाद एक अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें लाखों रुपये फर्जी बिल, गलत टेंडर और कागजों में दिखाए गए फर्जी विजिट से निकाल लिए गए।
230 दिन तक खराब गाड़ी चलाने का दावा
जांच रिपोर्ट के अनुसार जय सिंह ने जिस सरकारी जीप को कंडम घोषित करना था, उसे कागजों में 230 दिनों तक उपयोग दिखाया और उसके नाम पर लाखों रुपये का भुगतान ले लिया। इसके लिए 1000 रुपये प्रतिदिन की दर से 2.29 लाख की जगह 2.30 लाख रुपये निकाल कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।
ट्रैक्टर को बोलेरो दिखाकर बिल पास
विजिलेंस जांच में यह भी सामने आया कि वाहन नंबर में हेराफेरी कर ट्रैक्टर को बोलेरो वाहन दिखाया गया और 1.28 लाख रुपये का फर्जी बिल बनाकर भुगतान करा दिया गया। बिना किसी टेंडर और अनुबंध के वाहन चलाने का दिखाकर धन निकासी की गई, जिसका पैसा मो. इकबाल नामक व्यक्ति के खाते में भेजा गया।
सहयोगियों की मिलीभगत उजागर
जांच में बीएसए कार्यालय के सहायक वित्त व सर्व शिक्षा अभियान के लेखाधिकारी पवन कुमार वर्मा, अखिलेश सिंह, वाहन मालिक राजेंद्र द्विवेदी और मो. इकबाल को भी सहयोगी पाया गया। सभी पर सरकारी धन के दुरुपयोग और अनियमित तरीके से भुगतान कराने का आरोप है।
आय से अधिक संपत्ति का मामला भी पुख्ता
विजिलेंस ने बताया कि सेवा अवधि के दौरान जय सिंह ने अपनी आय की तुलना में 1 करोड़ 21 लाख 61 हजार 921 रुपये अधिक खर्च किए। इसी आधार पर 2022 में शुरू हुई जांच को सही पाते हुए अब मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान आय 1.05 करोड़ रुपये और खर्च 2.27 करोड़ रुपये दर्ज पाए गए। पूछताछ में जय सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।
पहले भी शिकायतों पर हटाए जा चुके
जय सिंह वाराणसी में विवादों से घिरे रहने वाले अधिकारियों में रहे हैं। शिक्षा के अधिकार कानून को प्रभावी रूप से लागू न करने सहित कई मामलों में पहले भी उन्हें पद से हटाया जा चुका है। इसके बाद उनकी जगह राकेश सिंह को बीएसए बनाया गया, जो खुद भी विजिलेंस जांच का सामना कर चुके हैं।
अब गिरफ्तारी की तैयारी
विजिलेंस थाना वाराणसी सेक्टर के इंस्पेक्टर अखिलेश राय ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग में वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।
