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काशी में वोट जिहाद चल रहा...मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने SIR पर उठाए सवाल, डीएम को सौंपी 9 हजार डुप्लीकेट वोट की लिस्ट

 
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और शहर उत्तरी से विधायक रविंद्र जायसवाल ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत तैयार की गई वोटर लिस्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी में सुनियोजित तरीके से वोटरों की हेराफेरी की गई है और इसे उन्होंने “वोट जिहाद” करार दिया।

मंत्री का दावा है कि उनकी विधानसभा से करीब एक लाख वोट कम हो गए हैं और इसके पीछे कांग्रेस की साजिश है। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी की पार्टी को इस पूरे मामले का जिम्मेदार बताया।

शादीशुदा महिलाएं पिता के नाम से वोटर, एक ही नाम कई बूथों पर

रविंद्र जायसवाल ने कहा कि SIR की फाइनल लिस्ट में 30 से 40 साल की कई शादीशुदा महिलाएं अब भी पिता के नाम से वोटर बनी हुई हैं। हैरानी की बात यह है कि इनके नाम दो से तीन अलग-अलग बूथों पर दर्ज हैं। न तो पता बदला है और न ही पिता का नाम सब कुछ एक जैसा है, फिर भी ये नाम फाइनल लिस्ट में शामिल हैं। मंत्री ने इसे “बड़ी गड़बड़ी” बताया।

1.10 लाख वोट हटे, 9200 डमी वोटर मिले

मंत्री के मुताबिक, SIR शुरू होने से पहले उनकी विधानसभा में 4 लाख 45 हजार मतदाता थे। पहले चरण में ही 1 लाख 10 हजार वोट काट दिए गए।
6 जनवरी को जब फाइनल लिस्ट जारी हुई, तो उन्होंने 90 हजार मतदाताओं की खुद जांच कराई। इस जांच में करीब 9200 डमी वोटर सामने आए, जिनके नाम या तो दोहराए गए थे या कई जगह दर्ज थे।

मंत्री के दो बड़े आरोप

पहला आरोप – मतदान के लिए ‘जिहाद’

रविंद्र जायसवाल ने कहा कि बार-बार चेकिंग के बावजूद अगर ऐसे नाम फाइनल लिस्ट में आ रहे हैं, तो यह लापरवाही नहीं बल्कि विपक्ष की सोची-समझी चाल है। उन्होंने कहा, “यह एक तरह का वोट जिहाद है।”

दूसरा आरोप – कांग्रेस का खेला

मंत्री ने दावा किया कि BLO के घर-घर सर्वे में सामने आया कि 39 साल की एक महिला का नाम ससुराल और मायके दोनों जगह वोटर लिस्ट में दर्ज है। कुछ लोगों के नाम तो पांच-पांच बार पाए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे 9 हजार से ज्यादा वोट पकड़े गए हैं और यह सब कांग्रेस की सियासत का नतीजा है।

डीएम से की शिकायत

रविंद्र जायसवाल ने इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि अगर 90 हजार वोटरों की जांच में 9200 गड़बड़ियां मिल सकती हैं, तो पूरी लिस्ट की दोबारा समीक्षा कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

प्रशासन का जवाब

इस पर डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि डुप्लीकेट वोटों को लेकर लगातार आपत्तियां आती रहती हैं और उनका निस्तारण किया जाता है। विधायक और जिलाध्यक्ष की ओर से दी गई आपत्तियों को दर्ज कर लिया गया है। सभी तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।