PM Modi की 830 करोड़ की सौगात से काशी बनेगी जल-व्यापार की नई राजधानी, माल ढुलाई होगी 40% सस्ती
Jan 19, 2026, 12:16 IST
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वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में जलमार्ग, बंदरगाह और रेलवे से जुड़ी कई अहम आधारभूत सुविधाएं शामिल हैं। इस विकास पैकेज का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश की धार्मिक और आर्थिक राजधानी काशी को भी मिलने जा रहा है।
राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा जलमार्ग) के सशक्त होने से वाराणसी देश के प्रमुख जल-व्यापार केंद्र के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है। इंडियन वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI) वाराणसी के निदेशक संजीव शर्मा के अनुसार, बंगाल में विकसित की जा रही आधुनिक जल परिवहन सुविधाओं से काशी से माल ढुलाई और अधिक आसान, तेज और किफायती हो जाएगी।
वाराणसी से हल्दिया तक फैले इस जलमार्ग पर बालागढ़ एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम, आधुनिक बार्ज टर्मिनल और ड्रेजिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके पूरा होने से वाराणसी से पूर्वी भारत और समुद्री बंदरगाहों तक सीधा व्यापारिक संपर्क स्थापित होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, जलमार्ग के माध्यम से माल परिवहन सड़क और रेल की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ता पड़ता है। इससे वाराणसी के स्थानीय उद्योगों - जैसे हैंडलूम, लकड़ी शिल्प, पीतल उद्योग, कृषि उत्पाद और निर्माण सामग्री - को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक नई पहुंच मिलेगी।
इसके साथ ही, वाराणसी के रामनगर में आईडब्ल्यूएआई द्वारा विकसित किया जा रहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह लॉजिस्टिक पार्क जल, रेल और सड़क - तीनों परिवहन माध्यमों को जोड़कर वाराणसी को एक आधुनिक व्यापारिक जंक्शन के रूप में स्थापित करेगा।
बंगाल में जलमार्ग की आधारभूत संरचना के मजबूत होने से रामनगर टर्मिनल की संचालन क्षमता भी कई गुना बढ़ेगी। इससे न केवल व्यापार को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यह 830 करोड़ की विकास सौगात काशी को धार्मिक नगरी से आगे बढ़ाकर एक आधुनिक आर्थिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा जलमार्ग) के सशक्त होने से वाराणसी देश के प्रमुख जल-व्यापार केंद्र के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है। इंडियन वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI) वाराणसी के निदेशक संजीव शर्मा के अनुसार, बंगाल में विकसित की जा रही आधुनिक जल परिवहन सुविधाओं से काशी से माल ढुलाई और अधिक आसान, तेज और किफायती हो जाएगी।
वाराणसी से हल्दिया तक फैले इस जलमार्ग पर बालागढ़ एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम, आधुनिक बार्ज टर्मिनल और ड्रेजिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके पूरा होने से वाराणसी से पूर्वी भारत और समुद्री बंदरगाहों तक सीधा व्यापारिक संपर्क स्थापित होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, जलमार्ग के माध्यम से माल परिवहन सड़क और रेल की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ता पड़ता है। इससे वाराणसी के स्थानीय उद्योगों - जैसे हैंडलूम, लकड़ी शिल्प, पीतल उद्योग, कृषि उत्पाद और निर्माण सामग्री - को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक नई पहुंच मिलेगी।
इसके साथ ही, वाराणसी के रामनगर में आईडब्ल्यूएआई द्वारा विकसित किया जा रहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह लॉजिस्टिक पार्क जल, रेल और सड़क - तीनों परिवहन माध्यमों को जोड़कर वाराणसी को एक आधुनिक व्यापारिक जंक्शन के रूप में स्थापित करेगा।
बंगाल में जलमार्ग की आधारभूत संरचना के मजबूत होने से रामनगर टर्मिनल की संचालन क्षमता भी कई गुना बढ़ेगी। इससे न केवल व्यापार को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यह 830 करोड़ की विकास सौगात काशी को धार्मिक नगरी से आगे बढ़ाकर एक आधुनिक आर्थिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
