काशी विद्यापीठ में ‘वेस्ट से वेल्थ’ पर कार्यशाला, छात्रों को रीसाइक्लिंग में करियर और बिजनेस के अवसरों की जानकारी
Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के इतिहास विभाग में विद्यार्थियों के लिए ‘बायोक्रक्स, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं रीसाइक्लिंग’ विषय पर एंटरप्रेन्योरशिप एंड कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला विश्वविद्यालय के सेवायोजन सूचना एवं मंत्रणा केंद्र तथा वाराणसी रिसाइकलर्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से आयोजित हुई।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को हरित उद्योग, अपशिष्ट प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और इससे जुड़े रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराना था।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की दी जानकारी
कार्यक्रम में बायोक्रक्स कंपनी के सीईओ प्रांजल झा तथा स्टार्टअप कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक पीयूष पाण्डेय ने हरित उद्योग और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया एवं उसके महत्व की जानकारी दी।
प्रांजल झा ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, ईंधन तथा बायोक्रक्स कंपनी की गतिविधियों के बारे में विद्यार्थियों को बताया। वहीं वक्ताओं ने रीसाइक्लिंग क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और इस क्षेत्र में शुरू किए जा सकने वाले उद्यमों की जानकारी भी दी।
छात्रों ने पूछे सवाल
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। वक्ताओं ने छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें करियर, रोजगार और उद्यमिता से जुड़े अवसरों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि अपशिष्ट प्रबंधन और रीसाइक्लिंग आने वाले समय में रोजगार और व्यवसाय के नए क्षेत्र बन सकते हैं।
रोजगारपरक कार्यक्रमों पर दिया जोर
स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय सेवायोजन सूचना एवं मंत्रणा केंद्र की प्रमुख प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल ने कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के प्रति ऐसे रोजगारपरक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यशाला का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद शंकर चौधरी ने कार्यशाला को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का संचालन मदन लाल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संदीप कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. रविन्द्र कुमार, डॉ. अंजना वर्मा, डॉ. सारिका गौतम, डॉ. अंजू सिंह, डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कुमार सिंह और डॉ. वीरेंद्र प्रताप सहित विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
