युवाओं को पहले खुद को बदलना होगा, तभी बदलेगा सिस्टम: नीरज सिंह
वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि आज का युवा क्रिकेटर, फिल्म स्टार और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स को अपना प्रेरणास्रोत मान रहा है, जबकि देश की आजादी, एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महापुरुषों को धीरे-धीरे भुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि युवा व्यवस्था (सिस्टम) में बदलाव लाना चाहता है, तो सबसे पहले उसे स्वयं को बदलने के लिए तैयार रहना होगा।
चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण समारोह को संबोधित करते हुए नीरज सिंह ने कहा कि काशी लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक मूल्यों की प्रतीक है। जिसने काशी को समझ लिया, उसने देश की नब्ज को समझ लिया। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के युवा ही भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं और अनुशासित युवा ही एक सशक्त एवं विकसित भारत का निर्माण कर सकता है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए नीरज सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल को भारत में बनाए रखने का सबसे बड़ा श्रेय डॉ. मुखर्जी को जाता है। उन्होंने कहा कि "एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे" के सिद्धांत पर संघर्ष करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में अनुच्छेद-370 हटाकर साकार किया। इससे जम्मू-कश्मीर में संवैधानिक मूल्यों की पूर्ण स्थापना हुई और डॉ. मुखर्जी का संघर्ष सार्थक साबित हुआ।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं गया। आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है, जिसके 12 करोड़ से अधिक सदस्य हैं और देशभर में 1600 से ज्यादा विधायक भाजपा के हैं। उन्होंने कहा कि यह सब राष्ट्र प्रथम की भावना और समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है।
समारोह को भाजपा एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला स्तरीय पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
