वाराणसी में चुनाव आयोग के समर्थन में युवा परिषद का 'न्याय मार्च', राहुल गांधी और अभिजीत दीपके के खिलाफ नारेबाजी
वाराणसी। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में शनिवार को युवा परिषद के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में 'न्याय मार्च' निकाला। सुभाष मंदिर से मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार तक निकाले गए इस मार्च में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने और मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग का विरोध किया। साथ ही संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने की अपील की।
युवा परिषद की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, न्याय मार्च का नेतृत्व खुशी रमन भारतवंशी और प्रज्ञा परमिता महारी ने किया। इस दौरान कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई, कथित आपत्तिजनक बयानों पर कानूनी कार्रवाई और जॉर्ज सोरोस से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की।
राहुल गांधी और अभिजीत दीपके पर साधा निशाना
न्याय मार्च के दौरान युवा परिषद के नेताओं ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके पर तीखा हमला बोला। खुशी रमन भारतवंशी और प्रज्ञा परमिता महारी ने विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों की फंडिंग पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के पीछे विदेशी फंडिंग की आशंका की जांच होनी चाहिए। हालांकि, संगठन की ओर से इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज या स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए।
'वोट चोरी का संदेह है तो कांग्रेस पहले अपने राज्यों में जवाब दे'
युवा परिषद की बीएचयू चेयरपर्सन जीनत रहमान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें चुनाव में वोट चोरी का संदेह है तो उन्हें उन राज्यों की चुनावी प्रक्रिया पर भी जवाब देना चाहिए, जहां कांग्रेस सत्ता में है या गठबंधन सरकार का हिस्सा है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग को अनुचित बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
जीनत रहमान ने मतदाता सूची से कथित फर्जी नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया से कांग्रेस असहज है। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
'कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है कांग्रेस'
युवा परिषद के नेता डॉ. एपी सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े करती रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी कभी ईवीएम की विश्वसनीयता तो कभी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। उनका आरोप था कि इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की मंशा है।
वहीं, जिला प्रमुख सत्यम राय ने कहा कि युवा परिषद चुनाव आयोग के समर्थन में अपना आंदोलन और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लगाए जाने वाले आरोपों की जांच तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं के समर्थन में आवाज उठाने की अपील
प्रदर्शन के दौरान नेता मयंक श्रीवास्तव ने युवाओं से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। संगठन मंत्री दक्षिता भारतवंशी ने कहा कि संविधान और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर युवा परिषद पीछे नहीं हटेगी।
महासचिव सृष्टि त्यागी ने सनातन संस्कृति और देश के खिलाफ कथित गतिविधियों का विरोध करने की बात कही।
मार्च के समापन पर कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का विरोध करते हुए चुनाव आयोग के समर्थन में नारे लगाए। युवा परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए।
