NEET की तैयारी को लेकर विवाद के बाद 19 वर्षीय बेटे ने की पिता की हत्या, शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया
लखनऊ I उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 19 वर्षीय युवक ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े कर घर में ड्रम में छिपा दिए। मृतक की पहचान वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो 20 फरवरी से लापता थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मानवेंद्र सिंह और उनके बेटे अक्षत प्रताप सिंह के बीच नीट परीक्षा की तैयारी और करियर को लेकर अक्सर विवाद होता था। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी।
राइफल से मारी गोली
पुलिस के अनुसार, बहस बढ़ने पर पिता ने गुस्से में अपनी लाइसेंसी राइफल निकाल ली और बेटे को डराने की कोशिश की। कुछ देर बाद जब उन्होंने राइफल एक तरफ रख दी, तो अक्षत ने मौका पाकर वही राइफल उठाई और अपने पिता के सीने में गोली दाग दी। गोली लगते ही मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
गोली की आवाज सुनकर ऊपर से आई 16 वर्षीय बहन को आरोपी ने जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया। डर के कारण बहन कई दिनों तक किसी को कुछ नहीं बता सकी।
शव के किए टुकड़े, ड्रम में छिपाया
हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए आरी से शव के कई टुकड़े कर दिए। पुलिस के मुताबिक, उसने कुछ अंग शहर के बाहरी इलाके में फेंक दिए, जबकि बाकी हिस्सों को प्लास्टिक के बड़े नीले ड्रम में भरकर घर के ग्राउंड फ्लोर पर छिपा दिया।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह पिता की डांट और पढ़ाई को लेकर लगातार मिल रहे मानसिक दबाव से परेशान था।
गुमशुदगी से खुला राज
मानवेंद्र सिंह के कई दिनों तक लापता रहने पर पड़ोसियों को शक हुआ, जिसके बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शुरुआत में अक्षत पुलिस को गुमराह करता रहा और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की और घर की तलाशी ली, तो ड्रम से शव के अवशेष बरामद हुए।
फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस हत्याकांड में आरोपी की किसी ने मदद की थी या उसने पूरी वारदात अकेले अंजाम दी।
