चंदौली में सपा महिला नेता गार्गी सिंह पर हमले में 5 नामजद, CCTV फुटेज वायरल होती ही एक्शन में पुलिस, निकला वाराणसी कनेक्शन
चंदौली में समाजवादी पार्टी महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है। वायरल CCTV वीडियो के बाद पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। गार्गी सिंह ने पहले मिली धमकी को हमले से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
Chandauli News: चंदौली में समाजवादी पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल गार्गी सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
यह मामला मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के मड़िया पड़ाव इलाके का है। 28 मई को हुई इस घटना का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पूरे जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। वीडियो में कई लोग महिला नेता के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
घर में घुसकर हमला, बाल पकड़कर घसीटने का आरोप
पीड़िता गार्गी सिंह पटेल के अनुसार, घटना के दौरान करीब पांच लोग अचानक उनके घर में घुस आए। आरोप है कि इनमें दो युवक और दो महिलाएं शामिल थीं। पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर गार्गी सिंह के बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसों से हमला किया। इतना ही नहीं, कमरे में रखी टेबल उठाकर भी उन पर वार किया गया। घटना के दौरान घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पहले मिली थी धमकी
पुलिस को दी गई तहरीर में गार्गी सिंह ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ दिन पहले पार्टी कार्यालय में हुई बैठक के बाद सपा नेता सिद्धांत जायसवाल ने उन्हें “काटकर फेंकवा देने” की धमकी दी थी। गार्गी सिंह का आरोप है कि उसी धमकी के बाद यह हमला हुआ।
पांच आरोपियों पर केस दर्ज
सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें वाराणसी के सूजाबाद निवासी उर्मिला यादव, अमित यादव, मनोज यादव, मोनी यादव और रामनगर निवासी सिद्धांत जायसवाल के खिलाफ चार गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं वायरल CCTV फुटेज को भी जांच का अहम आधार बनाया गया है। समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
