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बनारस स्टेशन के स्टॉल से उड़ाए 7 लाख, CCTV से ऐसे पकड़े गए चोर

वाराणसी के बनारस स्टेशन स्थित मल्टी परपज स्टॉल से 7.10 लाख रुपये चोरी मामले का जीआरपी ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 3.93 लाख रुपये और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर दोनों शातिर चोरों तक पुलिस पहुंची।

 
बनारस स्टेशन
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वाराणसी: बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर आठ स्थित मल्टी परपज स्टॉल में हुई लाखों रुपये की चोरी का कैंट जीआरपी ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो युवकों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी के 3 लाख 93 हजार रुपये और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

स्टॉल से 7.10 लाख रुपये से भरा बैग हुआ था चोरी

जीआरपी इंस्पेक्टर रजोल नागर, पूर्वोत्तर रेलवे आरपीएफ इंस्पेक्टर राजेश कुमार और सीआईबी इंस्पेक्टर राजेश ने संयुक्त रूप से बताया कि 28 मई की रात प्लेटफार्म नंबर आठ स्थित मल्टी परपज स्टॉल से चोर सात लाख दस हजार रुपये से भरा बैग चोरी कर फरार हो गए थे।

बताया गया कि चोरी से पहले आरोपी ने स्टॉल के फ्रिज से कोल्ड ड्रिंक भी निकाली और आराम से पी। उस समय स्टॉल के कर्मचारी श्रवण यादव और सतीश बाहर बेंच पर सो रहे थे, जिससे चोरों को वारदात को अंजाम देने का मौका मिल गया।

CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग

घटना के अगले दिन मुकदमा दर्ज होने के बाद जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई। पुलिस ने स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया।

जांच के दौरान एक टीम संदिग्धों का पीछा करते हुए बाबतपुर तक पहुंच गई। वहीं मिले अहम सुराग के आधार पर सुंदरपुर निवासी आकाश पटेल को बनारस स्टेशन की वाशिंग लाइन से गिरफ्तार किया गया।

साथी आरोपी भी दबोचा गया

पुलिस ने आकाश पटेल की निशानदेही पर बड़ागांव निवासी सभाजीत उर्फ सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान आकाश के पास से 1 लाख 93 हजार रुपये और सभाजीत के पास से 2 लाख रुपये बरामद हुए।

पहले भी जेल जा चुका है आरोपी

जीआरपी इंस्पेक्टर रजोल नागर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आकाश पटेल पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। वह शराब का आदी है और चोरी की घटना के बाद सभाजीत उसे छिपाने और संरक्षण देने में मदद कर रहा था।

पुलिस कर रही आगे की जांच

जीआरपी अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की बाकी रकम कहां खर्च की गई या किन लोगों तक पहुंचाई गई। पुलिस अन्य संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।

स्टेशन परिसर में हुई इस बड़ी चोरी के खुलासे के बाद रेलवे पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने की बात कही है।