वाराणसी एयरपोर्ट पर बैंकाक से आए 7 थाई नागरिकों के पास मिली 20 किलो हाइड्रोपोनिक वीड
वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने बैंकाक से आए 7 थाई नागरिकों के ग्रुप से 20 किलो हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की है। इमिग्रेशन की संदिग्ध प्रोफाइलिंग के बाद कार्रवाई हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद ड्रग्स की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
वाराणसी: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बाबतपुर पर शनिवार शाम कस्टम विभाग और इमिग्रेशन अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता हाथ लगी। बैंकाक से आई फ्लाइट संख्या आईएक्स-215 के यात्रियों की जांच के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ ‘हाइड्रोपोनिक वीड’ बरामद किया गया।
जानकारी के अनुसार, बैंकाक से आए यात्रियों की नियमित जांच के दौरान इमिग्रेशन अधिकारियों को दो थाई नागरिकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। प्रोफाइलिंग और पूछताछ के दौरान उनके हाव-भाव असामान्य पाए गए, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लेकर जांच शुरू की।
7 सदस्यीय विदेशी ग्रुप पर बढ़ा शक
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि दोनों यात्री अकेले नहीं थे, बल्कि 7 सदस्यों के एक पूरे विदेशी ग्रुप का हिस्सा थे। इसके बाद इमिग्रेशन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए सभी सात थाई नागरिकों को आगे की जांच और बैगेज स्कैनिंग के लिए कस्टम विभाग के हवाले कर दिया।
जब कस्टम अधिकारियों ने यात्रियों के सामान की एक्स-रे स्कैनिंग की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में उनके बैग से कुल 20 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई। यह प्रतिबंधित मादक पदार्थ ग्रुप के 6 सदस्यों के पास से मिला।
करोड़ों रुपये आंकी जा रही कीमत
कस्टम विभाग ने बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हाइड्रोपोनिक वीड की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
कस्टम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। यह भी सामने आया है कि इससे पहले भी दो बार इसी तरह की बरामदगी हो चुकी है। अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के तार भारत में किन-किन स्थानों से जुड़े हुए हैं।
एजेंसियां खंगाल रहीं तस्करी नेटवर्क
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रतिबंधित मादक पदार्थ भारत में किस उद्देश्य से लाया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और कस्टम विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटा हुआ है।
