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वाराणसी में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार रिश्वत लेते दरोगा और सिपाही को रंगे हाथों दबोचा

 
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी दरोगा शिवाकर मिश्रा और उसके खास सिपाही गौरव कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर दहेज उत्पीड़न के एक मामले में आरोपी युवक का नाम चार्जशीट से हटाने के बदले 50 हजार रुपये मांगने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, चंदौली जिले के अलीनगर मुगलचक निवासी प्रहलाद गुप्ता का अपनी पत्नी ममता गुप्ता से पारिवारिक विवाद चल रहा है। पत्नी ने पति के खिलाफ कुल पांच मुकदमे दर्ज कराए थे, जिनमें से एक मुकदमा उस समय दर्ज हुआ था जब प्रहलाद जेल में था। इन मामलों की विवेचना काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा को सौंपी गई थी।

आरोप है कि विवेचक शिवाकर मिश्रा ने प्रहलाद से मुकदमा खत्म करने और चार्जशीट में नाम न डालने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। रिश्वत नहीं देने पर धाराएं बढ़ाकर जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। लगातार दबाव से परेशान होकर प्रहलाद गुप्ता ने एंटी करप्शन वाराणसी टीम से शिकायत कर दी।

सिपाही के जरिए लेने को कहा रिश्वत

शिकायत के बाद बुधवार 28 जनवरी को एंटी करप्शन टीम इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए काशी विद्यापीठ चौकी पहुंची। प्रहलाद गुप्ता जब दरोगा शिवाकर मिश्रा से मिले तो दरोगा ने सीधे पैसे लेने से इनकार करते हुए चौकी में मौजूद सिपाही गौरव कुमार को पैसे देने के लिए कहा।

प्रहलाद ने तय योजना के अनुसार 20 हजार रुपये सिपाही गौरव को दिए। सिपाही ने रकम अपनी जैकेट की जेब में रख ली। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। सिपाही रुपये छिपाने की कोशिश करते हुए बैरक की ओर भागा, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। बाद में मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

दोनों आरोपी गिरफ्तार, केस दर्ज की तैयारी

शाम करीब 6 बजे दरोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव कुमार को गिरफ्तार कर लालपुर पांडेयपुर थाने ले जाया गया। एंटी करप्शन इंस्पेक्टर नीरज कुमार की तहरीर पर दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

पीड़ित प्रहलाद गुप्ता ने बताया कि शिवाकर मिश्रा कई दिनों से उसे धमका रहा था कि अगर पैसे नहीं दिए तो चार्जशीट में नाम डालकर जेल भेज देगा। इसी डर से उसने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया।

पहले भी विवादों में रह चुका है दरोगा

दरोगा शिवाकर मिश्रा की भर्ती वर्ष 2019 में हुई थी और वह बस्ती जिले का रहने वाला है। वह पहले भी अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में रहा है। लंका थाने से जुड़ी कई चौकियों में वह इंचार्ज रह चुका है और पहले लाइन हाजिर व निलंबन की कार्रवाई भी झेल चुका है। कुछ समय पहले ही उसे सिगरा थाने की काशी विद्यापीठ चौकी का प्रभारी बनाया गया था।

IIT-BHU छात्रा से गैंगरेप के मामले के दौरान भी शिवाकर मिश्रा बीएचयू चौकी का इंचार्ज था। उस वक्त भी उसकी भूमिका पर सवाल उठे थे और मामले को दबाने की कोशिश के आरोप लगे थे। इसके अलावा नगवा चौकी इंचार्ज रहते हुए जमीन के एक विवाद में पैसे लेकर कब्जा दिलाने की शिकायत भी अधिकारियों तक पहुंची थी।

सिपाही गौरव कुमार की भर्ती वर्ष 2020 में हुई थी और वह गोरखपुर का रहने वाला है। फिलहाल दोनों की गिरफ्तारी से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और मामले की जांच जारी है।