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सोशल मीडिया पर कोडवर्ड में नेटवर्क, बम बनाने की ट्रेनिंग की थी तैयारी- मदरसे में पढ़ा नबील ATS के रडार पर कैसे आया?

यूपी ATS ने AQIS की विचारधारा को बढ़ावा देने के आरोप में मोहम्मद नबील को दीदारगंज से गिरफ्तार किया है। ATS के अनुसार, वह सोशल मीडिया और WhatsApp पर कोडवर्ड में नेटवर्क चला रहा था और पाकिस्तान, तुर्किये व बांग्लादेश जाकर बम बनाने की ट्रेनिंग लेने की तैयारी में था।
 
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Nabil Arrest Azamgarh: उत्तर प्रदेश एटीएस ने आतंकवादी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा को बढ़ावा देने के आरोप में आजमगढ़ के दीदारगंज से मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। ATS के अनुसार, नबील कथित तौर पर सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप के जरिए कोडवर्ड में नेटवर्क चला रहा था और बम बनाने की ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान, तुर्किये और बांग्लादेश जाने की तैयारी में था।

जांच एजेंसी का आरोप है कि नबील बम बनाने के तरीकों से संबंधित वीडियो की तलाश और उन्हें साझा करने के साथ-साथ पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने को लेकर भी बातचीत करता था। उसके WhatsApp ग्रुप में पाकिस्तान, बांग्लादेश, अरब और कुकी क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होने की बात भी सामने आई है।

पाकिस्तान के साथ मिलकर ‘गजवा-ए-हिंद’ की साजिश का आरोप

ATS के मुताबिक, नबील पर पाकिस्तान से जुड़े लोगों के साथ मिलकर भारत में ‘गजवा-ए-हिंद’ की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है। एजेंसी अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, WhatsApp ग्रुप और संपर्क में रहे लोगों की गतिविधियों की जांच कर रही है।

जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि नबील विदेश जाकर बम बनाने की ट्रेनिंग हासिल करना चाहता था। इसके लिए पाकिस्तान, तुर्किये और बांग्लादेश जाने की तैयारी किए जाने का आरोप है।

मदरसे में पढ़ाई कर चुका है नबील

नबील के पकड़े जाने के बाद उसके गांव और आसपास के लोगों से भी उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह सामान्य तौर पर शांत स्वभाव का रहता था और अपनी मां के साथ रहता था। उसके पिता दानिश अंसारी सऊदी अरब में रहते हैं।

बताया गया है कि नबील ने सरायमीर क्षेत्र के एक मदरसे में पढ़ाई की है और हाफिजा की पढ़ाई भी पूरी की है। मदरसे से लौटने के बाद वह उर्दू में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था।

धार्मिक और शिक्षाप्रद वीडियो पोस्ट करने की जानकारी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, नबील सोशल मीडिया पर उर्दू में धार्मिक और शिक्षाप्रद बातें सुनता और वीडियो बनाकर पोस्ट करता था। वह मोहल्ले की मस्जिद में भी जाता था और वहां बच्चों को तालीम देता था। पड़ोसियों का कहना है कि वह आसपास के लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था और उसका व्यवहार सामान्य नजर आता था। हालांकि, ATS की जांच में उसके ऑनलाइन संपर्कों और गतिविधियों को लेकर अलग तस्वीर सामने आई है।

सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच में जुटी ATS

ATS अब नबील के सोशल मीडिया अकाउंट, WhatsApp ग्रुप और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी खंगाल रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित नेटवर्क में उसकी भूमिका क्या थी और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे। मामले में आगे की जांच के दौरान उसके विदेश जाने की कथित योजना, ऑनलाइन गतिविधियों और अन्य संपर्कों से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।