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आजमगढ़ में लैपटॉप-प्रिंटर से A4 पेपर पर छाप रहे थे जाली नोट, 8 आरोपी गिरफ्तार

आजमगढ़ में पुलिस ने जाली करेंसी बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1.19 लाख रुपये की नकली मुद्रा, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद हुए। आरोपी A-4 पेपर पर नोट छापकर उन्हें बाजार में असली नोटों के बीच चलाते थे।

 
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Azamgarh News: आजमगढ़ में जाली करेंसी बनाकर बाजार में चलाने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अन्तर्जनपदीय गिरोह के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1 लाख 19 हजार रुपये की नकली करेंसी, जाली नोट बनाने के उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, सात मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर जाली नोटों की तस्करी और अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में थाना रौनापार पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। होली पर्व को देखते हुए पुलिस बेलकुंडा बाजार में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कुछ लोग जाली करेंसी नोटों का लेन-देन कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और आसपास की पुलिस चौकियों को भी मौके पर बुला लिया गया।

घेराबंदी कर छह आरोपियों को मौके से पकड़ा

पुलिस ने तीन टीम बनाकर टेकनपुर पुलिया के पास घेराबंदी की और करीब दोपहर 12:30 बजे कार में मौजूद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में बरडीहा गांव निवासी नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चंकी और शिवम सिंह उर्फ विदुर के साथ गोरखपुर के बड़हलगंज निवासी मुन्ना पांडेय शामिल हैं।

पूछताछ में सामने आया जाली नोट बनाने का अड्डा

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को जाली नोट बनाने के अड्डे की जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस ने ग्राम जगदीशपुर थाना जीयनपुर में छापेमारी कर मनोज कुमार और रुद्र पांडेय को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए।

लैपटॉप और प्रिंटर से छापते थे नकली नोट

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा है, जो अभी फरार है। उसके निर्देश पर सभी आरोपी लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से A-4 साइज के पेपर पर जाली नोट प्रिंट करते थे। इसके बाद प्रिंट किए गए नोटों को पेपर कटर से काटकर असली नोटों के आकार में तैयार किया जाता था।

इसके बाद नकली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच रखकर बाजारों, दुकानों और लेन-देन के दौरान चलाया जाता था। इस तरीके से आम लोगों को आसानी से पता नहीं चलता था और आरोपी अवैध रूप से आर्थिक लाभ कमाते थे।

बड़ी मात्रा में उपकरण और नकली करेंसी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.19 लाख रुपये की जाली करेंसी, A-4 पेपर पर प्रिंट किए गए नकली नोट, प्रिंटर, लैपटॉप, कीबोर्ड-माउस, पेपर कटर, कई इंक बोतलें, सात मोबाइल फोन और एक सफेद i-10 कार बरामद की है। बरामद सामान के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

पुलिस कर रही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश

इस मामले में थाना रौनापार में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।