Azamgarh : UP-STF ने 50 हजार के इनामी वाकिफ को मुठभेड़ में किया ढेर, गो-तस्करी, हत्या और लूट समेत 44 मामले थे दर्ज
Nov 7, 2025, 09:54 IST
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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। जिले के फूलपुर का रहने वाला 50 हजार का इनामी बदमाश वाकिफ शुक्रवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। वाकिफ पर गो-तस्करी, हत्या और लूट जैसे 44 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
गश्त के दौरान मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात पुलिस टीम लूट के सुराग जुटाने के लिए गश्त कर रही थी। इसी दौरान एसटीएफ को सूचना मिली कि वाकिफ अपने तीन साथियों के साथ रौनापार थाना क्षेत्र की ओर भाग रहा है। सूचना मिलते ही एसटीएफ टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी।
जैसे ही पुलिस ने बदमाशों को घेरा, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस दौरान वाकिफ को गोली लग गई, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल वाकिफ को पुलिस ने तत्काल सीएचसी हरैया पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डीके शाही की टीम ने किया एनकाउंटर
मुठभेड़ का नेतृत्व डिप्टी एसपी डी.के. शाही कर रहे थे। यही अधिकारी पहले सुल्तानपुर डकैती कांड में वांटेड बदमाश मंगेश यादव का एनकाउंटर भी कर चुके हैं।
नेपाल बॉर्डर तक फैला था गिरोह
27 वर्षीय वाकिफ आजमगढ़ के फूलपुर क्षेत्र का निवासी था। उसके खिलाफ आजमगढ़, गोरखपुर और जौनपुर सहित कई जिलों में गो-तस्करी, हत्या, लूट और चोरी के 44 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। साल 2023 में गोरखपुर के एक गो-तस्करी कांड में उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वाकिफ पर आरोप था कि वह नेपाल बॉर्डर के रास्ते तस्करी का नेटवर्क चला रहा था।
2017 से अब तक 238 अपराधी एनकाउंटर में ढेर
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2017 से जुलाई 2025 तक उत्तर प्रदेश पुलिस ने 238 अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया है। इसी अवधि में 14,000 से अधिक एनकाउंटर हुए, जिनमें 30,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार किए गए और 9,000 से अधिक को गोली लगी।
गश्त के दौरान मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात पुलिस टीम लूट के सुराग जुटाने के लिए गश्त कर रही थी। इसी दौरान एसटीएफ को सूचना मिली कि वाकिफ अपने तीन साथियों के साथ रौनापार थाना क्षेत्र की ओर भाग रहा है। सूचना मिलते ही एसटीएफ टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी।
जैसे ही पुलिस ने बदमाशों को घेरा, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस दौरान वाकिफ को गोली लग गई, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल वाकिफ को पुलिस ने तत्काल सीएचसी हरैया पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डीके शाही की टीम ने किया एनकाउंटर
मुठभेड़ का नेतृत्व डिप्टी एसपी डी.के. शाही कर रहे थे। यही अधिकारी पहले सुल्तानपुर डकैती कांड में वांटेड बदमाश मंगेश यादव का एनकाउंटर भी कर चुके हैं।
नेपाल बॉर्डर तक फैला था गिरोह
27 वर्षीय वाकिफ आजमगढ़ के फूलपुर क्षेत्र का निवासी था। उसके खिलाफ आजमगढ़, गोरखपुर और जौनपुर सहित कई जिलों में गो-तस्करी, हत्या, लूट और चोरी के 44 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। साल 2023 में गोरखपुर के एक गो-तस्करी कांड में उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वाकिफ पर आरोप था कि वह नेपाल बॉर्डर के रास्ते तस्करी का नेटवर्क चला रहा था।
2017 से अब तक 238 अपराधी एनकाउंटर में ढेर
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2017 से जुलाई 2025 तक उत्तर प्रदेश पुलिस ने 238 अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया है। इसी अवधि में 14,000 से अधिक एनकाउंटर हुए, जिनमें 30,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार किए गए और 9,000 से अधिक को गोली लगी।
