80 लाख की ठगी: दोगुना रकम के झांसे में फंसा कारोबारी, कोर्ट के आदेश पर शाइन सिटी चेयरमैन समेत 4 पर केस
वाराणसी में शाइन सिटी प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर 80 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने कंपनी चेयरमैन नसीम रसीद समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया। पीड़ित को प्लॉट या दोगुना रिटर्न का झांसा दिया गया था।
वाराणसी: सिकरौल क्षेत्र स्थित पत्रकारपुरम कॉलोनी निवासी एक व्यवसायी के साथ 80 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। निवेश पर दोगुना रिटर्न और प्लॉट दिलाने का झांसा देकर यह ठगी की गई। मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित को अदालत का सहारा लेना पड़ा, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
पीड़ित सैय्यद अली ने बताया कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में गुहार लगाई। अदालत के निर्देश के बाद कैंट थाना पुलिस ने शाइन सिटी कंपनी के चेयरमैन नसीम रसीद सहित मुंबई निवासी तीन सगे भाइयों- जावेद शेख, साकिर शेख और जाहिद शेख के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दोगुना रिटर्न और प्लॉट का दिया लालच
तहरीर के अनुसार, आरोपितों ने पीड़ित को वाराणसी के राजातालाब और बाबतपुर क्षेत्र में प्रस्तावित शाइन सिटी प्रोजेक्ट दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया। भरोसा दिलाया गया कि 18 महीने के भीतर या तो प्लॉट पर कब्जा दिया जाएगा या 80 लाख रुपये के बदले 1.60 करोड़ रुपये लौटाए जाएंगे।
वीडियो कॉल से कराया भरोसा, फिर लिया पैसा
आरोप है कि वाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए कंपनी के चेयरमैन से बातचीत कराकर विश्वास दिलाया गया। इसके बाद पीड़ित ने 30 लाख रुपये बैंक के माध्यम से और 50 लाख रुपये नकद साकिर शेख को सौंप दिए। इसके एवज में 18 माह का अनुबंध भी दिया गया।
मुंबई से दुबई तक घुमाया, नहीं लौटाए पैसे
जब तय समय के बाद पैसे नहीं मिले तो पीड़ित ने रकम वापस मांगी। आरोप है कि आरोपित लगातार टालमटोल करते रहे। मई 2025 में पीड़ित को मुंबई बुलाया गया और फिर दुबई में चेयरमैन से मुलाकात कराई गई, जहां भुगतान का आश्वासन दिया गया।
इसके बाद जून 2025 में साकिर शेख ने नई कंपनी के नाम पर 3.28 लाख दिरहम के तीन चेक दिए और पुराने दस्तावेज वापस ले लिए। साथ ही 25 हजार दिरहम नकद देकर बाकी रकम बाद में देने की बात कही, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
धमकी और गाली-गलौज का आरोप
पीड़ित के अनुसार, सितंबर में दोबारा संपर्क करने पर आरोपितों ने मात्र 15 हजार दिरहम देकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और पैसे भूल जाने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
