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मकान दिखाने के बहाने महिला को फंसाया, बंधक बनाकर बनाया आपत्तिजनक वीडियो, 4 गिरफ्तार

चंदौली के पीडीडीयू नगर में नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को कथित तौर पर बंधक बनाने और आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है।
 
चंदौली
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चंदौली: नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाने, बंधक बनाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलने वाले कथित गिरोह का मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी विजय गुप्ता, कृष्ण कुमार गुप्ता, अंजली गुप्ता और वाराणसी के रामनगर निवासी विशम्भर विश्वकर्मा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से आठ एंड्रायड मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, पांच फर्जी आधार कार्ड समेत कई पहचान पत्र, विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक, पोर्टेबल वाई-फाई डिवाइस, कथित टॉर्चर किट और दो वाहन बरामद किए गए हैं।

मकान दिखाने के बहाने महिला को ले गए

एसपी आकाश पटेल के मुताबिक, एक पीड़ित महिला ने 27 अगस्त को पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, 16 अगस्त को महिला ऑनलाइन मकान देखने के सिलसिले में रामनगर चौराहे पहुंची थी। वहां से उसे डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया।

महिला का आरोप है कि मकान में तीन पुरुष और एक महिला मौजूद थे। वहां उसे कमरे में बंधक बना लिया गया। खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाली महिला समेत आरोपियों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट और अभद्रता की।

वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे पांच लाख

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने महिला का आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे वायरल करने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया और उसके पति से संपर्क किया।

इसके बाद कथित तौर पर PhonePe के जरिए 1.14 लाख रुपये एक खाते में ट्रांसफर कराए गए। पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल रही और पुलिस से शिकायत की।

मामला दर्ज होने के बाद मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, नकदी, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी पहचान पत्र और अन्य सामान बरामद किया है। मामले में आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।