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QR कोड अपडेट के नाम पर ठगी! सिम बदलकर निकाल रहे लोन, ऐसे हो रही है नई साइबर ठगी

शहर में साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है, जहां QR कोड और पेमेंट मशीन अपडेट के नाम पर दुकानदारों को ठगा जा रहा है। ठग सिम बदलकर लोन लेकर लाखों रुपये निकाल रहे हैं। जानिए पूरा मामला और इससे बचने के जरूरी उपाय।

 
QR कोड अपडेट के नाम पर ठगी
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वाराणसी: साइबर अपराधियों का नया गिरोह तेजी से एक्टिव हो गया है। पिछले करीब 45 दिनों में यह गैंग 15 से अधिक व्यापारियों और दुकानदारों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। खासतौर पर छोटे-बड़े कारोबारी इनके टारगेट पर हैं, जिनकी रोजाना ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होती है।

ऐसे काम करता है ठगी का नया तरीका

ठग पहले अपने शिकार की ट्रांजेक्शन डिटेल्स और बिजनेस प्रोफाइल का पता लगाते हैं। इसके बाद वे खुद को ऑनलाइन पेमेंट कंपनियों के अधिकृत एजेंट बताकर दुकानों पर पहुंचते हैं।

वे QR कोड या पेमेंट मशीन अपडेट करने का झांसा देते हैं और मौका मिलते ही मशीन के बॉक्स का सिम बदल देते हैं। इसके बाद कुछ ही समय में पीड़ित के नाम पर लोन लेकर खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।

OTP और PIN लेकर भी करते हैं साफ खाता

कुछ मामलों में आरोपी खुद को Paytm, PhonePe या बैंक कर्मचारी बताकर कॉल या सीधे संपर्क करते हैं।

वे ‘अपडेट’ या ‘KYC’ के नाम पर भरोसा जीतते हैं और डेमो ट्रांजेक्शन के बहाने OTP, PIN या पासवर्ड हासिल कर लेते हैं। इसके बाद रकम अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है।

केस स्टडी: कैसे हुई लाखों की ठगी


शिवपुर क्षेत्र के एक दुकानदार के पास पहुंचे ठगों ने मशीन अपडेट करने का बहाना बनाया और सिम बदल दिया। कुछ ही देर में उनके नाम पर 5.75 लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया।

एक अन्य मामले में गोलगड्डा इलाके के दुकानदार को मशीन अपडेट न कराने पर पेमेंट बंद करने की धमकी दी गई। बाद में उसके खाते से 3 लाख रुपये का लोन निकल गया।

मारुति नगर के एक व्यापारी के मोबाइल में सिम बदलकर करीब 3 लाख रुपये का फर्जी लोन लिया गया, जब ठग खुद को कंपनी कर्मचारी बताकर आए थे।

पुलिस की चेतावनी

साइबर क्राइम से जुड़ी अधिकारी विदुष सक्सेना के अनुसार, किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी कंपनी बिना आधिकारिक सूचना के मशीन अपडेट या बदलने के लिए एजेंट नहीं भेजती।

ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

  • दुकानदारों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पेमेंट मशीन या मोबाइल किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें।
  • किसी भी व्यक्ति के कंपनी कर्मचारी होने का दावा करने पर उसकी पहचान और कंपनी से सत्यापन जरूर करें।
  • OTP, PIN या पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी कभी साझा न करें और मशीन या सिम को छूने की अनुमति किसी को न दें।
  • अगर खाते में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।