कोडीन कफ सिरप मामला: सरगना शुभम के पिता की 8 संपत्तियां आज होगी फ्रीज, 30.52 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त
वाराणसी में कोडीन कफ सिरप तस्करी केस में पुलिस ने शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की 30.52 करोड़ रुपये की आठ संपत्तियां एनडीपीएस एक्ट के तहत फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू की।
वाराणसी: कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की करीब 30 करोड़ 52 लाख रुपये की अवैध संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत की जा रही है।
एसीपी रोहनिया संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि थाना रोहनिया में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आया कि भोला जायसवाल ने कोडीन कफ सिरप की अवैध तस्करी से भारी धन अर्जित किया था। जांच में कुल 8 अचल संपत्तियों का पता चला, जिन्हें रविवार को फ्रीज किया जा रहा है।
फ्रीज की जा रही प्रमुख संपत्तियां
• पिंडरा के जगदीशपुर में तीन कृषि भूमि (कुल मूल्य ₹1.43 करोड़)
• शिवपुर भरलाई में आवासीय प्लॉट (₹71 लाख)
• भेलूपुर तुलसीपुर में 23 करोड़ का विशाल मकान
• सदर मडौली में पत्नी के नाम जमीन (₹1.15 करोड़)
• जगतगंज रामकटोरा में मकान (₹1.98 करोड़)
• लल्लापुरा हबीबपुरा में आवासीय भवन (₹1.05 करोड़)
पहले भी हो चुकी है कुर्की
इससे पहले सोनभद्र पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर वाराणसी में भोला जायसवाल की 28.50 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया था। इसमें महमूरगंज का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, बादशाहबाग का आवास और जगतगंज का कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल है।
कैसे खुला पूरा नेटवर्क
18 अक्टूबर 2024 को सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रक से 1.19 लाख शीशियां कोडीन कफ सिरप बरामद हुई थीं। जांच में खुलासा हुआ कि यह खेप गाजियाबाद से लोड होकर बांग्लादेश भेजी जानी थी। इसके बाद मेरठ, गाजियाबाद, रांची और दुबई तक फैले नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
100 करोड़ से ज्यादा का अवैध कारोबार
जांच में सामने आया कि वाराणसी के 28 दवा कारोबारियों और 93 मेडिकल स्टोरों के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर करीब 89 लाख शीशियों का अवैध लेन-देन किया गया। कई मेडिकल स्टोर मौके पर अस्तित्व में ही नहीं पाए गए।
इस मामले में शुभम जायसवाल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। उसके खिलाफ वाराणसी, सोनभद्र, गाजियाबाद, चंदौली और जौनपुर में कई मुकदमे दर्ज हैं।
