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क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर 50 लाख की ठगी, तीन शातिर गिरफ्तार 

वाराणसी साइबर टीम ने क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने और नया कार्ड जारी कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने फर्जी कस्टमर केयर नंबर और एपीके फाइल के जरिए दर्जनों लोगों से करीब 50 लाख रुपये की ठगी की थी। गिरोह के अन्य सदस्य तलाशे जा रहे हैं।

 
तीन शातिर गिरफ्तार 
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वाराणसी: पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और नया क्रेडिट कार्ड जारी कराने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित झारखंड और बलिया जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस देर रात तक पूरे ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि करने में जुटी रही।

फर्जी कस्टमर केयर नंबर से लोगों को बनाते थे शिकार

जांच में सामने आया कि साइबर ठगों का गिरोह इंटरनेट मीडिया पर बैंकों के नाम से फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड करता था। जरूरतमंद लोग जब इन नंबरों पर संपर्क करते थे तो ठग उन्हें अपने जाल में फंसा लेते थे। कई मामलों में गिरोह के सदस्य खुद पीड़ितों को फोन कर उन्हें क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सुविधाओं का लालच देते थे।

ठग लोगों को बिना बैंक गए नया क्रेडिट कार्ड जारी कराने और पुराने कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देते थे।

गोपनीय जानकारी लेकर एपीके फाइल से मोबाइल कर लेते थे हैक

साइबर अपराधी पीड़ितों से उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करने के बाद उन्हें एक एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते थे। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता था, फोन का पूरा नियंत्रण ठगों के हाथ में चला जाता था।
इसके बाद आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगती थी।

दर्जनों लोगों से करीब 50 लाख रुपये की ठगी

पुलिस जांच में पता चला है कि इस साइबर गिरोह ने इसी तरीके से दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाकर लगभग 50 लाख रुपये की ठगी की है। गिरोह काफी समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था।

गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की तलाश जारी

पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। साइबर टीम इस मामले में और भी गिरफ्तारियां कर सकती है।