मनी म्यूल से ऑनलाइन बेटिंग तक... वाराणसी पुलिस ने साइबर नेटवर्क की तोड़ी कमर, 75 गिरफ्तार, 480 बैंक अकाउंट फ्रीज
वाराणसी पुलिस के Cy-Vazra अभियान में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। 39 मुकदमे दर्ज कर 75 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 480 बैंक खाते फ्रीज, ₹3.4 करोड़ की रकम होल्ड और 854 संदिग्ध मनी म्यूल खातों की जांच जारी है। पुलिस आयुक्त ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
वाराणसी: साइबर अपराध के खिलाफ कमिश्नरेट वाराणसी का Cy-Vazra अभियान लगातार बड़े परिणाम दे रहा है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित समीक्षा गोष्ठी में अभियान की उपलब्धियों का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में सामने आए आंकड़ों ने साफ कर दिया कि वाराणसी पुलिस अब साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। अब तक 39 साइबर मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, 75 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 300 युवक-युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। इसके साथ ही लगभग ₹3.4 करोड़ की संदिग्ध धनराशि बैंक खातों में होल्ड कराई गई है।
करोड़ों की ठगी पर लगा ब्रेक
Cy-Vazra अभियान के दौरान पुलिस ने साइबर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है। अब तक 480 बैंक खाते फ्रीज कराए जा चुके हैं, जबकि 854 संदिग्ध मनी म्यूल बैंक खातों की गहन जांच जारी है। जांच एजेंसियां इन खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम के लेनदेन, खाताधारकों की पहचान और फंड ट्रेल का विश्लेषण कर रही हैं। इसके अलावा 145 IMEI नंबर और 168 मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कराए गए हैं, ताकि साइबर गिरोहों के संचार तंत्र को कमजोर किया जा सके। पुलिस ने पीड़ितों के खातों में ₹29.5 लाख की धनराशि वापस भी कराई है।
मोबाइल, कार, लैपटॉप और डिजिटल सबूत भी बरामद
अभियान के दौरान की गई कार्रवाई में पुलिस ने साइबर अपराधियों के कब्जे से 42 मोबाइल फोन, एक ASUS लैपटॉप, दो चारपहिया वाहन (Grand Vitara और Kia Carens) और ₹1.40 लाख से अधिक नकद राशि बरामद की है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी सामग्री भी जब्त की गई है, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
MLM से लेकर ऑनलाइन बेटिंग तक, कई बड़े साइबर मॉड्यूल का भंडाफोड़
समीक्षा बैठक में बताया गया कि Cy-Vazra अभियान के तहत पुलिस ने कई संगठित साइबर गिरोहों पर कार्रवाई की है। इनमें नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय MLM और पिरामिड स्कीम गिरोह, ऑनलाइन बेटिंग रैकेट, Grindr और Polo ऐप के जरिए ठगी, फर्जी क्रेडिट कार्ड APK, OLX फ्रॉड, प्राइवेट बैंक भर्ती के नाम पर धोखाधड़ी, ट्रेडिंग फ्रॉड, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, मनी म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क और अन्य साइबर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई है। कई मामलों में आरोपपत्र न्यायालय भेजे जा चुके हैं, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
मनी म्यूल नेटवर्क तोड़ने पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विवादित धनराशि से जुड़े मनी म्यूल खातों की तकनीकी और बैंकिंग जांच तेज की जाए, ताकि पूरे साइबर नेटवर्क का खुलासा हो सके। रेड श्रेणी के संदिग्ध खातों को तत्काल डेबिट फ्रीज कराने, KYC दस्तावेजों की जांच और खाताधारकों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल करने के भी निर्देश दिए गए।
हर साइबर केस की होगी रोजाना मॉनिटरिंग
बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस आयुक्त ने सभी डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक साइबर मुकदमे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि फर्जी नौकरी, ऑनलाइन मार्केटप्लेस फ्रॉड, निवेश के नाम पर ठगी, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही संदिग्ध मोबाइल नंबरों, CDR, CAF, IMEI और लोकेशन डेटा का तकनीकी विश्लेषण कर साइबर गैंग के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कार्रवाई तेज की जाए।
साइबर अपराधियों के खिलाफ और तेज होगा अभियान
कमिश्नरेट वाराणसी का Cy-Vazra अभियान अब केवल साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क, बैंकिंग चैनल और डिजिटल इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में मनी म्यूल खातों, ऑनलाइन बेटिंग मॉड्यूल और अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों के खिलाफ और बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
