मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर 11.50 लाख की साइबर ठगी, फेसबुक विज्ञापन के झांसे में आया युवक
सस्ते ब्याज पर मुद्रा लोन दिलाने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से 11 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने फेसबुक पर मुद्रा लोन से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था, जिसके बाद ठगों ने खुद को फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोन मंजूर कराने का भरोसा दिलाया और अलग-अलग शुल्क के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए।
बेहट रोड स्थित छाबड़ा कॉलोनी निवासी सुमित तायल ने साइबर क्राइम थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि फेसबुक पर मुद्रा लोन का विज्ञापन देखने के बाद उनके पास एक फोन कॉल आया।
फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम राकेश शर्मा बताया और दावा किया कि उसकी कंपनी मात्र 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 30 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही उसने लोन पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलने का भी लालच दिया।
449 रुपये से शुरू हुआ ठगी का खेल
सुमित के अनुसार, सबसे पहले उनसे फाइल चार्ज के नाम पर 449 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद खाते की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर 49 हजार रुपये मांगे गए। धीरे-धीरे प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेज सत्यापन, सब्सिडी प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर लगातार पैसे जमा कराए जाते रहे।
पीड़ित का आरोप है कि राकेश शर्मा के अलावा संजीव शर्मा और चरण सिंह नामक व्यक्तियों ने भी उनसे संपर्क किया और बार-बार भुगतान करने का दबाव बनाया। हर बार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होते ही 30 लाख रुपये का लोन उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
अलग-अलग खातों में जमा कराए लाखों रुपये
लोन मिलने की उम्मीद में सुमित ने ठगों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 11 लाख 50 हजार रुपये जमा कर दिए। जब उन्होंने लोन की राशि जारी करने के बारे में पूछना शुरू किया तो आरोपित टालमटोल करने लगे और बाद में संपर्क से बचने लगे।
इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। पीड़ित ने बताया कि इस घटना के कारण उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है और कई लोगों की देनदारियां भी चुकानी हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
साइबर क्राइम थाना के कार्यवाहक प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन बैंक खातों में पैसे जमा कराए गए और जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया, उनकी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सावधान रहें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले लोन, निवेश या सब्सिडी संबंधी आकर्षक विज्ञापनों पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें। किसी भी प्रकार का शुल्क जमा करने से पहले संबंधित कंपनी और उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य कर लें।
