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नौकरी के नाम पर 6 लाख की ठगी! सुसाइड से पहले VIDEO में फूटा युवक का दर्द, सुनाई पूरी कहानी

मेरठ में नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये की कथित ठगी से परेशान युवक ने आत्महत्या कर ली। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में उसने आरोपी पर ठगी, ब्लैकमेल और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 
Meerut News
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Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये गंवाने और लंबे समय तक मानसिक तनाव झेलने के बाद 37 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या से पहले युवक ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने एक व्यक्ति पर नौकरी दिलाने के बहाने लाखों रुपये लेने, पैसे वापस न करने और लगातार ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घर में फंदे से लटका मिला युवक

मृतक की पहचान मनमोहन सिंह उर्फ मोनू (37) के रूप में हुई है। वह मेरठ के मवाना क्षेत्र स्थित मवाना खुर्द गांव का रहने वाला था। गुरुवार सुबह परिजनों ने उसे घर में फंदे से लटका देखा। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मौत से पहले रिकॉर्ड किया वीडियो

जांच के दौरान पुलिस को मनमोहन का एक वीडियो मिला, जिसे उसने आत्महत्या से ठीक पहले रिकॉर्ड किया था। वीडियो में उसने कहा कि वह एक बड़ी साजिश का शिकार हो गया है और अब इस मानसिक दबाव को सहन नहीं कर पा रहा। उसने आरोप लगाया कि कुणाल सिंघानिया नाम के व्यक्ति ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे लाखों रुपये लिए, लेकिन न नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए।

'मेरे नाम पर दूसरे लोगों से भी पैसे लिए'

वीडियो में मनमोहन ने दावा किया कि आरोपी ने सिर्फ उससे ही नहीं बल्कि उसके नाम का इस्तेमाल कर कई अन्य लोगों से भी पैसे वसूले। उसने बताया कि कुछ रकम नकद ली गई, जबकि कुछ पैसे उसके बैंक खाते में जमा कराए गए। बाद में वही रकम उससे दूसरे खातों में ट्रांसफर करवाई गई। उसका कहना था कि वह लगातार पैसे वापस मांगता रहा, लेकिन हर बार आरोपी बहाने बनाकर बात टाल देता था।

ब्लैकमेल करता था, मानसिक रूप से तोड़ दिया

मनमोहन ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे कई बार लखनऊ ले गया, जहां उससे ऐसे काम करवाने की कोशिश की गई जिन्हें लेकर वह असहज था।

उसने कहा कि अब उसी बात को आधार बनाकर उसे बदनाम करने और ब्लैकमेल करने की धमकी दी जा रही थी। वीडियो में उसने कहा कि वह लंबे समय से अवसाद में था और लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रहा था।

थाने के बाहर परिवार का प्रदर्शन

घटना के बाद मृतक के परिजन और गांव के लोग मवाना थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और कुछ देर के लिए सड़क जाम करने की भी कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।

भाई की शिकायत पर केस दर्ज

मृतक के भाई जगमोहन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो समेत सभी डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।