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ऐप डिलीट कराने के नाम पर 98 हजार की ठगी, WhatsApp लिंक क्लिक करते ही खाली हुआ खाता

वाराणसी के करखियांव एग्रो पार्क में एक कंपनी मैनेजर साइबर ठगी का शिकार हो गया। एजुकेशन ऐप डिलीट कराने के बहाने साइबर ठगों ने WhatsApp लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर लिया और खाते से 98 हजार रुपये उड़ा दिए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

 
WhatsApp लिंक
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वाराणसी: साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र में एक कंपनी मैनेजर से एजुकेशन ऐप बंद कराने के बहाने करीब 98 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। फर्जी कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर साइबर ठग ने WhatsApp लिंक भेजा और लिंक क्लिक करते ही पीड़ित का मोबाइल हैक हो गया।

इंटरनेट से मिला हेल्पलाइन नंबर बना मुसीबत

जानकारी के अनुसार, कन्नौज के सौरिख निवासी धीरज कुमार त्रिपाठी करखियांव स्थित एग्रो पार्क में प्राइम एवियन मुर्गी दाना कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनके मोबाइल से एक एजुकेशन ऐप के जरिए हर महीने 200 रुपये कट रहे थे।

इस समस्या को बंद कराने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर दिए गए एक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को ऐप का कस्टमर केयर कर्मचारी बताया और भरोसे में लेकर WhatsApp पर एक लिंक भेज दिया।

लिंक क्लिक करते ही मोबाइल हुआ हैक

साइबर ठग ने धीरज कुमार से कहा कि ऐप डिलीट करने के लिए लिंक खोलकर जरूरी जानकारी भरनी होगी। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, मोबाइल पूरी तरह साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया।

कुछ ही देर में उनके बैंक खाते से दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 50 हजार और 48 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। खाते से पैसे कटने का मैसेज आते ही पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।

1930 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत

घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा गुरुवार को फूलपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित तहरीर दी। पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खातों और भेजे गए लिंक की जांच में जुट गई है।

फर्जी कस्टमर केयर बनकर कर रहे ठगी

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन दिनों फर्जी कस्टमर केयर नंबर और WhatsApp लिंक के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी Google Search या सोशल मीडिया पर नकली हेल्पलाइन नंबर डाल देते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति मदद के लिए कॉल करता है, उसे लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर लिया जाता है।

पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऐप या बैंकिंग सेवा के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित हेल्पलाइन नंबर का ही इस्तेमाल करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने या मोबाइल स्क्रीन शेयर करने से बचें।अगर कोई व्यक्ति गलती से संदिग्ध लिंक खोल देता है तो तुरंत मोबाइल इंटरनेट बंद करें, बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।