Movie prime

OLX पर AC बेचने का झांसा देकर लाखों की ठगी, होटल से पकड़ा गया अंतरराज्यीय साइबर ठग

वाराणसी में OLX पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग जलादी नागराजू को प्रतिबिंब पोर्टल टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मोबाइल, सिम कार्ड, एटीएम और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

 
वाराणसी
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी: साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। OLX पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर अपराधी जलादी नागराजू को प्रतिबिंब पोर्टल की टीम ने गुरुवार शाम गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आंध्र प्रदेश के गुंटूर का रहने वाला है और फिलहाल वाराणसी के रामापुरा इलाके का फर्जी पता इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने उसे परेड कोठी स्थित एक होटल से दबोचा।

पुलिस जांच में अब तक करीब 20 लाख रुपये की साइबर ठगी के सुराग मिले हैं। आरोपी के खिलाफ सिगरा थाने में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

संदिग्ध मोबाइल नंबर से खुला साइबर ठगी का राज

प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की निगरानी के दौरान साइबर विशेषज्ञों को कई शिकायतें मिली थीं। शिकायतकर्ताओं ने ऑनलाइन सामान खरीदने के नाम पर ठगी होने की जानकारी दी थी। इसके बाद सब-इंस्पेक्टर आलोक कुमार यादव और हिमांशु त्रिपाठी ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल किया गया वाराणसी का पता फर्जी था। मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने पर पुलिस टीम परेड कोठी स्थित होटल प्लाजा इन पहुंची, जहां से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी के पास से मोबाइल, सिम कार्ड और ATM बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, दो एटीएम कार्ड, एक चेकबुक, QR कोड और 5,650 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर ठगी के धंधे में शामिल था।

प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ 15 से अधिक ऑनलाइन ठगी की शिकायतें दर्ज थीं। इनमें से कई मामलों में लाखों रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है।

OLX पर फर्जी विज्ञापन डालकर बनाता था शिकार

पूछताछ में आरोपी जलादी नागराजू ने बताया कि वह OLX पर AC और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने के नाम पर फर्जी विज्ञापन पोस्ट करता था। जब कोई ग्राहक उससे संपर्क करता, तो वह भरोसा दिलाकर एडवांस पेमेंट करवा लेता था।

पैसे मिलने के बाद आरोपी सामान भेजने के बजाय मोबाइल बंद कर देता था। इसी तरीके से उसने कई लोगों को अपना शिकार बनाया।

गेमिंग ऐप के जरिए निकालता था ठगी का पैसा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ठगी के पैसों को सीधे बैंक खाते में लेने के बजाय गेमिंग ऐप का इस्तेमाल करता था। वह गेमिंग प्लेटफॉर्म पर QR कोड अपलोड करवाकर उसी माध्यम से रकम ट्रांसफर कराता और बाद में पैसे निकाल लेता था।

पुलिस का मानना है कि यह तरीका साइबर ट्रैकिंग से बचने के लिए अपनाया गया था। अब पुलिस आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

पुलिस कर रही नेटवर्क की गहराई से जांच

सिगरा पुलिस और साइबर टीम अब इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मोबाइल और डिजिटल डाटा की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि ठगी से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सके। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।