गूगल से सीखी ठगी! चंदौली में युवक चला रहा था नकली नोट का रैकेट, प्रिंटर से छप रही थी करेंसी
Mar 23, 2026, 20:50 IST
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Chandauli News: चंदौली में नकली करेंसी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। अलीनगर थाना पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में मानस नगर कॉलोनी स्थित एक मकान से नकली नोट बनाने की मिनी फैक्ट्री पकड़ी गई है।
पुलिस ने मौके से 100 रुपये के 55 नकली नोट और 57 अर्द्ध-निर्मित नोट बरामद किए हैं। इसके अलावा नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले तीन प्रिंटर, लैपटॉप और विशेष कागज भी जब्त किए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है। आरोपी की पहचान बलुआ थाना क्षेत्र के महदेवा अमिलाई गांव निवासी उधम सिंह यादव के रूप में हुई है।
ऐसे हुआ खुलासा
सोमवार को पुलिस और स्वाट टीम आलमपुर अंडरपास के पास संदिग्धों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मानस नगर के एक मकान में नकली नोट छापे जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल दबिश दी और पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
YouTube और Google से सीखी ठगी
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने Google और YouTube के जरिए नकली नोट बनाने का तरीका सीखा था। वह 3500 रुपये के नकली नोट के बदले 1000 रुपये असली लेकर लोगों को देता था।
मुगलसराय सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रैकेट के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
पुलिस ने मौके से 100 रुपये के 55 नकली नोट और 57 अर्द्ध-निर्मित नोट बरामद किए हैं। इसके अलावा नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले तीन प्रिंटर, लैपटॉप और विशेष कागज भी जब्त किए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है। आरोपी की पहचान बलुआ थाना क्षेत्र के महदेवा अमिलाई गांव निवासी उधम सिंह यादव के रूप में हुई है।
ऐसे हुआ खुलासा
सोमवार को पुलिस और स्वाट टीम आलमपुर अंडरपास के पास संदिग्धों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मानस नगर के एक मकान में नकली नोट छापे जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल दबिश दी और पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
YouTube और Google से सीखी ठगी
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने Google और YouTube के जरिए नकली नोट बनाने का तरीका सीखा था। वह 3500 रुपये के नकली नोट के बदले 1000 रुपये असली लेकर लोगों को देता था।
मुगलसराय सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रैकेट के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
