NEET Paper Leak में 5 साल पहले पकड़े गए ‘सॉल्वर गैंग’ से जुड़ रहे नए तार, STF के रडार पर पुराने चेहरे
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में वाराणसी और पूर्वांचल कनेक्शन की जांच तेज हो गई है। STF ने 2021 में पकड़े गए कुख्यात सॉल्वर गैंग के सरगना निलेश कुमार सिंह उर्फ पीके समेत 42 आरोपियों की गतिविधियों की फिर से जांच शुरू कर दी है।
वाराणसी: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब पूर्वांचल तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने वाराणसी, पटना और बिहार से जुड़े पुराने सॉल्वर नेटवर्क की गतिविधियों को खंगालना शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियों की नजर खास तौर पर उस कुख्यात गैंग पर टिकी है, जिसका खुलासा वर्ष 2021 में वाराणसी के सारनाथ इलाके में हुआ था। उस समय पुलिस ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाने वाले बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
बताया जा रहा है कि मौजूदा NEET पेपर लीक जांच के दौरान एसटीएफ अब उन पुराने आरोपियों की गतिविधियों और संपर्कों की दोबारा जांच कर रही है। विशेष रूप से गैंग के सरगना निलेश कुमार सिंह उर्फ पीके, ओसामा शाहिद और अन्य सहयोगियों की भूमिका को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
2021 में सारनाथ से खुला था बड़ा सॉल्वर रैकेट
दरअसल, 12 सितंबर 2021 को सारनाथ थाना क्षेत्र के सरायमोहाना स्थित परीक्षा केंद्र पर पुलिस ने त्रिपुरा निवासी अभ्यर्थी हीना विश्वास की जगह परीक्षा दे रही जुली कुमारी को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि जुली बीएचयू की मेडिकल छात्रा थी और संगठित तरीके से सॉल्वर गैंग के लिए काम कर रही थी।
कार्रवाई के दौरान जुली की मां बबिता देवी को भी गिरफ्तार किया गया था, जो केंद्र के बाहर मौजूद थी। इसके बाद तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
पटना और छपरा से जुड़ा था नेटवर्क
जांच में पता चला था कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड निलेश कुमार सिंह उर्फ पीके था, जो मूल रूप से बिहार के छपरा और पटना के पाटलीपुत्र इलाके से जुड़ा हुआ था। उस समय निलेश पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस कार्रवाई में पांच राज्यों से जुड़े कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें मेडिकल छात्र, बिचौलिए और परीक्षा सॉल्वर शामिल थे, जो पैसे लेकर अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते थे।
STF फिर खंगाल रही पुराने आरोपियों की गतिविधियां
सूत्रों के अनुसार, मौजूदा NEET-UG 2026 पेपर लीक जांच में एसटीएफ अब पुराने नेटवर्क के सक्रिय होने की संभावना तलाश रही है। इसी कड़ी में निलेश कुमार सिंह उर्फ पीके, ओसामा शाहिद, डॉ. प्रिया समेत कई आरोपियों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।
पुराने केस में कन्हैयालाल सिंह, क्रांति कौशल, ओमप्रकाश सिंह, राजू कुमार, डॉ. अफरोज, मुंतजिर, डॉ. गणेश, मृत्युंजय, दिव्य ज्योति नाग उर्फ देबू, आशुतोष राजा, प्रवीण, प्रमोद, हामिद रजा, पीयूष, चंदन, संजीव और प्रदीप भट्टाचार्य जैसे नाम भी सामने आए थे।
गैंगस्टर एक्ट लगा, लेकिन सभी आरोपी जमानत पर बाहर
सारनाथ सॉल्वर गैंग मामले में कई आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। हालांकि, कमजोर पैरवी और लंबी कानूनी प्रक्रिया के चलते अधिकांश आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
अब NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के बाद एक बार फिर यह पूरा नेटवर्क जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं पुराने सॉल्वर गिरोह का इस्तेमाल नए पेपर लीक रैकेट में तो नहीं किया गया।
