ऑनलाइन निवेश, कार्ड स्वैप और फर्जी ट्रांजैक्शन… वाराणसी में साइबर ठगों ने तीन मामलों में कर दिया लाखों रुपये का स्कैम
वाराणसी में साइबर ठगी के कई बड़े मामले सामने आए हैं। कहीं डेबिट कार्ड बदलकर 1.20 लाख रुपये उड़ाए गए तो कहीं शेयर ट्रेडिंग और फर्जी ट्रांजैक्शन के जरिए लाखों की ठगी हुई। पुलिस साइबर अपराधियों की तलाश में जुटी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही है।
वाराणसी: शहर में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार सक्रिय होता जा रहा है। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सामने आए साइबर ठगी के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कहीं एटीएम पर डेबिट कार्ड बदलकर खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए, तो कहीं शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के नाम पर लोगों को ठग लिया गया। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डेबिट कार्ड बदलकर खाते से उड़ाए 1.20 लाख रुपये
शिवपुर थाना क्षेत्र के जलालपुर निवासी 74 वर्षीय बुजुर्ग सत्य नारायण को साइबर अपराधियों ने एटीएम कार्ड बदलकर बड़ा झटका दिया। पीड़ित परिवार के मुताबिक, 14 मई की शाम वह जलालपुर स्थित एटीएम बूथ पर पैसे निकालने पहुंचे थे।
इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक ने मदद करने के बहाने उनका डेबिट कार्ड बदल दिया। बाद में आरोपी ने उनके खाते से लगभग 1.20 लाख रुपये निकाल लिए। मामले की जानकारी होने पर परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस एटीएम के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
निवेश के नाम पर 5.70 लाख रुपये की ठगी
वाराणसी में शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर भी साइबर ठग सक्रिय हैं। जंसा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति को निवेश पर बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 5.70 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे संपर्क किया गया था। शुरुआत में छोटे निवेश पर लाभ दिखाकर भरोसा जीता गया। इसके बाद बड़ी रकम निवेश करवाई गई, लेकिन बाद में पूरा नेटवर्क गायब हो गया। मामले में पुलिस साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है।
फर्जी ट्रांजैक्शन से खाते से उड़ गए 70 हजार रुपये
एक अन्य मामले में साइबर ठगों ने ट्रांजैक्शन फ्रॉड के जरिए व्यक्ति के खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित के अनुसार, उसे एक कॉल आया जिसमें बैंक अधिकारी बनकर खाते की जानकारी मांगी गई।
इसके बाद आरोपी ने लिंक भेजा और मोबाइल पर आए ओटीपी हासिल कर लिए। कुछ ही मिनटों में खाते से कई ट्रांजैक्शन कर रुपये निकाल लिए गए। जब मोबाइल पर मैसेज आया तब पीड़ित को ठगी की जानकारी हुई।
युवक के खाते से दो लाख रुपये पार
भेलूपुर थाना क्षेत्र में एक युवक साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गया। आरोपियों ने फर्जी बैंक अपडेट और ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर उसके खाते से करीब दो लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित ने बताया कि मोबाइल पर आए एक लिंक पर क्लिक करने के बाद उसके खाते से लगातार ट्रांजैक्शन होने लगे। जब तक वह बैंक पहुंचा, खाते से लाखों रुपये साफ हो चुके थे।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल, एटीएम पिन या कार्ड की जानकारी न दें।
साथ ही, किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते रकम होल्ड कराई जा सके।
तेजी से बदल रहा साइबर अपराध का तरीका
साइबर अपराधी अब केवल ओटीपी या लिंक भेजकर ही नहीं, बल्कि एटीएम कार्ड स्वैप, फर्जी निवेश, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि पढ़े-लिखे और जागरूक लोग भी इन जालसाजों का शिकार बन रहे हैं। पुलिस का मानना है कि साइबर जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
