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शाइन सिटी घोटाले का मास्टरमाइंड राशिद नसीम गिरफ्तार, वाराणसी में 127 FIR दर्ज

शाइन सिटी ग्रुप के प्रमोटर राशिद नसीम को ईडी के अनुरोध पर यूएई में गिरफ्तार किया गया। वाराणसी में उसके खिलाफ 127 एफआईआर दर्ज हैं। सस्ते प्लॉट और निवेश योजनाओं के नाम पर अरबों की ठगी का आरोप है। 45 करोड़ की संपत्ति चिन्हित है और ईओडब्ल्यू जांच जारी है।

 
राशिद नसीम गिरफ्तार
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वाराणसी: जमीन और आकर्षक निवेश योजनाओं का झांसा देकर हजारों लोगों से अरबों रुपये की ठगी करने वाले शाइन सिटी ग्रुप के फरार प्रमोटर राशिद नसीम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर UAE में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी से पूर्वांचल समेत कई राज्यों के निवेशकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

वाराणसी कमिश्नरेट में ही पिछले सात वर्षों में राशिद नसीम और उसके सहयोगियों के खिलाफ 127 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें से 110 मुकदमे कैंट थाने में दर्ज हैं। आरोपी की वाराणसी में लगभग 45 करोड़ रुपये की संपत्ति चिन्हित बताई गई है, जबकि कई मामलों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कर रही है।

कई राज्यों में फैला था ठगी का जाल

प्रयागराज के करेली क्षेत्र का निवासी राशिद नसीम ने वर्ष 2013 में वाराणसी में Shine City Group का कार्यालय खोला था। सस्ते प्लॉट, गोल्ड स्कीम, टूर पैकेज और धन दोगुना करने जैसे लुभावने ऑफर देकर उसने निवेशकों को फंसाया। आरोप है कि एक ही जमीन कई लोगों को बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई।

वाराणसी के कैंट, रोहनिया, शिवपुर, रामनगर, मिर्जामुराद, राजातालाब, बड़ागांव, फूलपुर और लक्सा थाना क्षेत्रों समेत बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।

गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति जब्ती

वर्ष 2021 में वाराणसी, लखनऊ और प्रयागराज में गैंगस्टर एक्ट के तहत करीब 18 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। पुलिस ने अंतरराज्यीय अभियान के तहत उसके भाई आसिफ नसीम समेत कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। कुछ आरोपी वाराणसी और लखनऊ की जेलों में बंद हैं।

30 करोड़ रुपये विदेश भेजने का आरोप

ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि राशिद देश छोड़ने से पहले करीब 30 करोड़ रुपये गुजरात की एक कंपनी के माध्यम से विदेश भेज चुका था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि 2019 में वह पहले नेपाल गया और वहां से यूएई पहुंचकर दुबई में कारोबार शुरू कर दिया। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां प्रत्यर्पण और संपत्ति जब्ती की आगे की कार्रवाई में जुट गई हैं।