धोखे से मांस खिलाने का बदला बना हत्या की वजह, 20 दिन बाद खुलासा, दोस्त ने ही रस्सी से गला घोंटकर ली जान
सिंधौरा के महंगाव गांव में आफताब आलम की हत्या का 20 दिन बाद खुलासा हुआ। दोस्त वीरेंद्र यादव ने धोखे से मांस खिलाने के अपमान का बदला लेते हुए रस्सी से गला घोंटकर हत्या की थी।
वाराणसी: सिंधौरा स्थानीय थाना क्षेत्र के महंगाव गांव में 20 दिन पहले हुई बिहार के छपरा निवासी आफताब आलम (30) की हत्या के मामले का पुलिस ने रविवार को सनसनीखेज खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आफताब की हत्या धोखे से मांस खिलाने के विवाद में की गई थी।
थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में लश्करपुर निवासी वीरेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को उसके फूफा रमाशंकर यादव के घर से दबिश देकर पकड़ा गया। कड़ी पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
बंगलूरू में साथ करते थे काम
पुलिस जांच में सामने आया कि आफताब आलम और वीरेंद्र यादव बंगलूरू में एक ही जगह काम करते थे। आरोपी का आरोप है कि आफताब ने उसे धोखे से मांस खिला दिया, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हो गया। इस बात की चर्चा उसने दोस्तों से की, जिसके बाद लोग उसका मजाक उड़ाने लगे।
अपमान बना हत्या की वजह
आरोपी ने पुलिस को बताया कि इसी अपमान और मानसिक पीड़ा के चलते उसने आफताब से बदला लेने की ठान ली। जब आफताब वाराणसी आने वाला था, तो वीरेंद्र ने उसे फोन कर गांव बुलाया और महंगाव गांव के बाहर सुनसान स्थान पर रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
ऐसे हुआ खुलासा
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का सहारा लिया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
हत्या में प्रयुक्त रस्सी समेत सामान बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन, कर्मचारी पहचान पत्र, आईडी कार्ड और हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद की है।
पहले से आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, आरोपी वीरेंद्र यादव के खिलाफ पहले से ही चोलापुर थाने में हत्या, आर्म्स एक्ट, मारपीट और बलवा समेत तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
